फरीदाबाद। हरियाणा मुक्त विद्यालय की बृहस्पतिवार को आयोजित हिंदी की परीक्षा में भी 13 नकलची पकड़े गए। इनमें से एक ऐसा भी था जो अपनी आंखें बंद नहीं कर सका और पकड़ा गया। दरअसल बोर्ड की ओर से जारी हाजिरी शीट पर प्रत्येक परीक्षार्थी की फोटो और हस्ताक्षर होते हैं। इस शीट की मदद से परीक्षक असली-नकली परीक्षार्थी की सत्यता जांचते हैं। बृहस्पतिवार को हिंदी की परीक्षा देने आए एक एक युवक को उड़न दस्ता ने बंद और खुली आंखों के अंतर के कारण पहचाना और दबोच लिया।
यह युवक चाल-ढाल और चेहरे की बनावट सहित कपड़ों का मिलान करने के बाद असली परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। लेकिन असली परीक्षार्थी ने बोर्ड में बंद आंखों की फोटो भेजी हुई थी, जबकि फर्जी परीक्षार्थी ने अपनी फोटो में आंखें खुली रखी। बोर्ड की ओर से दो अलग-अलग फोटो का इस्तेमाल होना दस्ते को नागवार गुजरा और फर्जी परीक्षार्थी की पहचान हुई। आँखों के इस फेर का पता परीक्षार्थी को लगा तो वह भी अपनी इस गलती पर हंसता नजर आया।
बृहस्पतिवार को एनआईटी-5 स्थित राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हिंदी की परीक्षा ली जा रही थी। लगातार तीन दिन से आयोजित इस परीक्षा में हर रोज नकलची पकड़े जा रहे हैं। ऐसे में बृहस्पतिवार को भी 13 फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान की गई। इसमें से एक खुली आंखों के कारण धरा गया तो दूसरी कटे होंठ के कारण। इनमें से चार परीक्षार्थियों की पहचान चेयरमैन उड़न दस्ते ने की। तीन की पहचान जिला शिक्षा अधिकारी के उड़न दस्ते ने की तो दो की पहचान प्रश्न पत्र उड़न दस्ते ने, एक की पहचान अधीक्षक ने और अन्य की पहचान सामान्य जांच में हुई।
चेयरमैन बोर्ड के उड़न दस्ते में शामिल सतेंद्र सौरोत ने बताया कि चूंकि बोर्ड की ओर से दाखिला पत्र (रोलनंबर) जारी किया जाता है। ऐसे में यदि दाखिला शीट पर अंकित फोटो और दाखिला पत्र (रोलनंबर) पर जारी फोटो में कोई फर्क नहीं होता। जबकि फोटो में अंतर के कारण पकड़े गए दोनों परीक्षार्थियों के फोटो में एक छोटी सी चूक रह गई जो उड़न दस्ते की आंखों में खटक गई। पकड़े जाने के बाद परीक्षार्थी घबराने के बजाय अपनी बेवकूफी पर हंसते नजर आए और मौका देख फरार हो गए। इस तरह 13 फर्जी मामले पकड़े गए सभी कॉपी छोड़ मौके से फरार होने में कामयाब रहे।