गुरुग्राम। किसान संगठनों के भारत बंद के आह्वान के बाद मंगलवार को शहर में 2 हजार पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था को संभाला। मंगलवार को चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने बिलासपुर, हीरो होंडा चौक, राजीव चौक समेत झाड़सा चौक को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यहां अतिरिक्त बल को तैनात किया था। इन स्थानों पर किसान व श्रमिक संगठनों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया। बिलासपुर में श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों को पुलिस ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए हिरासत में लिया।
जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए पुलिस उपायुक्त समेत सहायक पुलिस आयुक्त क्षेत्र का दौरा कर माहौल की जानकारी लेते रहे। शहर में हो रही हर छोटी-बड़ी हलचल की जानकारी पुलिस आयुक्त केके राव को दी गई। वहीं, पुलिस आयुक्त ने मंगलवार सुबह शहर में सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दी। पुलिस ने शहर की प्रमुख सड़कों के साथ ही अंदरूनी सड़कों समेत दूसरे जिलों व दिल्ली से लगती सीमा पर भी अपनी नजरें जमाए रखी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को सदर बाजार समेत अन्य बाजारों में भी तैनात किया गया था ताकि आंदोलन की आड़ में कोई शरारती तत्व सक्रिय न हो सके।
पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दो रिजर्व पुलिस फोर्स के साथ ही एक महिला रिजर्व पुलिस फोर्स को तैयार रखा गया था। जगह-जगह दमकल की गाड़ियों के साथ एंबुलेंस व दंगा रोधी वाहनों को तैनात किया गया। इसके साथ ही एसीपी स्तर के अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्र में अस्थायी जेल भी बनाई थी ताकि हिरासत में लेने वालों को वहां रखकर औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। दोपहर को शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान न केवल स्थानीय थाना पुलिस बल्कि ट्रैफिक पुलिस भी हरकत में आ गई और प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखने लगी। पुलिस की मुस्तैदी के कारण ही शहर में भारत बंद के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।