स्कूल बसों पर आरटीए विभाग नहीं कर रहा कार्रवाई
-विभाग की लापरवाही के कारण आए दिनहो रहे हादसे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण(आरटीए) के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आए दिन स्कूल बसों से हादसे हो रहे हैं। आरटीए विभाग द्वारा स्कूल बसों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस कारण शहर में सैंकड़ों की संख्या में स्कूल बसें और वैन नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले दौड़ाई जा रही है।
परिजन भले ही स्कूलों में ट्रांसपोर्टेशन फीस के नाम पर स्कूल बस के लिए मोटी रकम चुका रहे हो, लेकिन इसके बावजूद नौनिहाल स्कूली बसों में सुरक्षित नहीं है। विभागीय व जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण सरेआम बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके लिए ना पुलिस को परवाह है और ना ही जिला प्रशासन को फिक्र। जब कोई हादसा हो जाता है तो पुलिस व प्रशासन द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन कुछ समय के बाद सब हवाहवाई हो जाता है। बृहस्पतिवार को सेक्टर-44 में एक निजी स्कूल की बस के नीचे आने से दंपती की मौत हो गई। इस मामले में बस चालक की लापरवाही सामने आई है। वहीं विभागीय लापरवाही और जिला प्रशासन द्वारा स्कूल बसों को लेकर चैकिंग के लिए कई बार वादे किए जा चुके हैं, लेकिन विभाग द्वारा सिर्फ खानापूर्ति ही की जाती है। निजी स्कूल बसों के चालक मनमानी करते हुए बच्चों की जान जोखिम में डालकर बसों को ओवर स्पीड चलाते है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
-अगस्त में पटौदी में स्कूल बस पेड़ से टकरा गई थी, जिसमें करीब 17 बच्चे घायल हो गए थे।
-रिठौज गांव में भी पिछले माह स्कूल बस के नीचे आने से 2 साल के बच्चे की मौत हो गई थी।
-गांव मुशैदपुर में भी स्कूल बस के नीचे आने से तीन साल के बच्चे की मौत हो गई थी।
------------
स्कूली बसों को समय-समय पर चैक किया जाता है। लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाती है। कितनी बसों पर कार्रवाई की गई अभी यह रिकॉर्ड नहीं है।
-आरके सिंह, आरटीए, सचिव व एडीसी