फर्रुखनगर। सुल्तानपुर पक्षी विहार में कई साल बाद 19 ग्रेटर व्हाइट फ्रंटेड गूज पक्षियों का दीदार हुआ है। इससे पहले ग्रेटर व्हाइट फ्रंटेड गूज प्रवासी पक्षी के एक दो जोडे़ ही आते रहे हैं। यह पक्षी एक गठीला भूरा है जो उत्तरी गोलार्ध में और उत्तरी अमेरिका में मुख्यतः मिसिसिपी के पश्चिम में पाया जाता है।
इसकी गुलाबी-नारंगी चोंच, नारंगी पैर और बगल में एक सफेद रेखा होती है। ये पक्षी आर्कटिक टुंड्रा में प्रजनन करते हैं और आर्द्रभूमि, झीलों और कृषि भूमि में बड़े झुंड में सर्दियों में रहते हैं। बर्ड वाचर एवं गाइड संजय शर्मा ने बताया कि यहां रंग बिरंगे पक्षियों के बड़े-बड़े झुंड जलक्रीड़ा करते दिखते हैं। यहां ग्रे लेग गूज पक्षियों का तीन हजार तक का झुंड दिख चुका है। बर्ड वाचर झील के एरिया में पक्षियों की पहचान और गणना की जाती है। यहां पर पक्षियों की प्रजातियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बर्ड वाचर संजय शर्मा भी किसी नई प्रजाति की तलाश में घूमते रहे हैं। बर्ड वाचिंग करते हुए संजय शर्मा एवं तरुण कुमार फोटोग्राफर ने यहां प्रवासी परिंदे 19 ग्रेटर व्हाइट फ्रंटेड गूज पक्षी देखे हैं। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर झील में विदेशी पक्षियों की प्रजाति अब बढ़कर 334 हो गई है।
विदेशी प्रजातियों का कुनबा ज्यादा
सुल्तानपुर पक्षी विहार में देशी प्रजाति के परिंदों से अधिक प्रवासी प्रजाति के पक्षी दिखते हैं। यहां पर लगभग 200 विदेशी प्रजाति के पक्षी जलक्रीड़ा करते दिखते हैं। इनकी तादाद देशी पक्षियों से भी अधिक रहती है। प्रवासी परिंदे हर साल अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में आने शुरू हो जाते हैं और मार्च का महीना खत्म होने से पहले तक यह पक्षी यहां से चले जाते हैं।
सुल्तानपुर पक्षी विहार में ग्रेटर व्हाइट फ्रंटेड गूज के बजाय आमतौर पर साइबेरिया और यूरोप के प्रवासी पक्षी जैसे ग्रेटर फ्लेमिंगो, साइबेरियन क्रेन, यूरेशियन टील, नॉर्दर्न पिनटेल, नॉर्दन शॉवलर आदि विचरण करते हैं, जो सर्दियों में ठंडे मौसम से बचने के लिए यहां आते हैं। ग्रेटर व्हाइट फ्रंटेड गूज सुल्तानपुर का सामान्य प्रवासी पक्षी नहीं है, हालांकि कई अन्य तरह के फ्लेमिंगो देखे जाते हैं।