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तीन घंटे इंतजार के बाद नहीं पहुंची डॉक्टर, रेफर के बाद प्रसुति की मौत

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तीन घंटे इंतजार के बाद नहीं पहुंची डॉक्टर, रेफर के बाद प्रसूति की मौत
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एंबुलेंस स्टाफ के लिए भी आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा
बच्चेदानी फटने के कारण महिला की स्थिति हुई थी खराब

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सरकारी सिस्टम के आगे एक महिला ने शनिवार को दम तोड़ दिया। शनिवार को सोहना उपमंडल के अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची महिला को समय पर माकूल इलाज नहीं मिला। तीन घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करती रही, डॉक्टर के नहीं आने पर नर्स ने प्रसव कराया। प्रसव के दौरान बच्चेदानी फटने के कारण महिला की हालत खराब हो गई। तत्काल इलाज देने के बजाय गुरुग्राम नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस तो मिली, लेकिन एंबुलेंस स्टाफ के लिए भी आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। दर्द से तड़पती महिला को किसी तरह गुरुग्राम नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन यहां महिला ने दम तोड़ दिया, जबकि बच्ची की हालत गंभीर है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिए हैं। अगस्त महीने में दूसरी लापरवाही है, जिसमें प्रसूति की मौत हो गई है।
गांव अभयपुर निवासी गिरीराज की पत्नी सरोज (29) को शनिवार तड़के करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा की वजह से सोहना स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। यहां सुबह करीब पौने 8 बजे सरोज ने बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर नहीं होने की वजह से प्रसव यहां मौजूद स्टाफ नर्स ने करवाया। प्रसव के दौरान सरोज की बच्चेदानी फट गई, जिससे लगातार खून बहने लगा। इस पर स्टाफ ने जच्चा-बच्चा को गुरुग्राम नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
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एंबुलेंस का स्टाफ पूरा न होने के चलते उन्हें करीब 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। जच्च-बच्चा को लेकर परिजन नागरिक अस्पताल गुरुग्राम पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू कर दिया। नवजात की हालत को देखते हुए उसे निक्कू वार्ड में भर्ती किया गया, जबकि जच्चा का ऑपरेशन किया जाना था। डॉक्टर उसका इलाज कर ही रहे थे कि जच्चा ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सबडिवीजन अस्पताल में स्टाफ का भारी अभाव
सोहना सबडिवीजन अस्पताल में स्टाफ का भारी अभाव है। यहां गायिनी सहित अन्य डॉक्टरों की कमी है। केवल चार डॉक्टरों के भरोसे ही अस्पताल की इमरजेंसी व ओपीडी चलाई जा रही है। ऑपरेशन थियेटर होते हुए भी उसका प्रयोग नहीं हो पा रहा है। पर्याप्त स्टाफ होता तो शनिवार सुबह डिलीवरी के बाद जच्चा की मौत न होती।
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डिलीवरी के बाद जच्चा की मौत होने की सूचना मिली है। उपमंडल अस्पताल से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। इलाज रिपोर्ट व मामले की जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों की वजह सामने आ पाएगी।
-डॉ. नीलम थापर, उप सिविल सर्जन, गुरुग्राम

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