गुरुग्राम। सरपंचों के विरोध को दरकिनार करते हुए सरकार ने जिले के 16 गांवों को नगर निगम गुरुग्राम में शामिल कर दिया है। इस संदर्भ में सरकार ने सोमवार को अधिसूचना भी जारी कर दी। जो गांव नगर निगम में शामिल किए गए हैं, उनमें बजघेड़ा, मोहम्मदहेड़ी, दौलताबाद, धनकोट, उल्लाहवास, बेहरामपुर, भोंडसी, कादरपुर, बाबूपुर, धर्मपुर, खेड़की माजरा, पलड़ा, नंगली, उमरपुर, धूमसपुर, नया गांव, मैदावास शामिल हैं।
गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए गए गांवों के सरपंच पिछले काफी समय से सरकार के इस कदम का विरोध कर रहे थे। सरपंचों ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। निगम में शामिल न करने के लिए इन गांवों के सरपंच प्रॉपर्टी टैक्स का अतिरिक्त बोझ बढ़ने का हवाला दे रहे थे। गांवों के सरपंचों का कहना है कि पूर्व में निगम में शामिल किए गए 39 गांवों में कोई खास विकास कार्य नहीं हो पाया है। वहीं, ग्रामीणों पर प्रॉपर्टी टैक्स का अतिरिक्त बोझ और डाल दिया गया है।
हालांकि 16 गांवों को नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद अधिकांश ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि निगम में शामिल होने के बाद गांवों में विकास को गति मिलेगी। खास बात यह है कि इन ग्राम पंचायतों के पास 181 करोड़ रुपये की संपत्ति भी है, जो अब निगम में स्थानांतरित हो जाएगी। बिजली बिल इत्यादि से नगर निगम को 15 करोड़ 39 लाख रुपये की अतिरिक्त आय भी होगी। इसमें ट्रेड लाइसेंस, स्टांप ड्यूटी का हिस्सा और विज्ञापन शुल्क शामिल है।