वर्ष 2022 में गोहत्या से जुड़े मामलों में 550 आरोपी हुए गिरफ्तार
फोटो वरुण सिंगला एसपी नूंह मेवात
यूनुस अलवी
पुन्हाना। नूंह जिले में गोहत्या रोकने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ जिले की ग्राम पंचायतें भी अब आगे आने लगी हैं। नूंह की 325 ग्राम पंचायतों में 158 ग्राम पंचायतों ने उनके गांव में गोहत्या न होने देने और गोहत्या करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने, जुर्माना लगाने और आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले करने जैसे मुद्दों को लेकर प्रस्ताव पास कर पुलिस विभाग को सौंपे हैं। इन प्रस्तावों और गांव के लोगों के सामने आने से जिले में गोहत्या न के बराबर हो रही है। इसी का नतीजा है कि जनवरी से लेकर 31 मार्च तक नूंह जिले के केवल दस गावों में गोहत्या के मामले सामने आए है, जिनके खिलाफ पुलिस और गांव की पंचायत ने कठोर फैसले लिए हैं।
अब से पहले नूंह जिले में गो सुरक्षा को लेकर केवल एक सेल फिरोजपुर झिरका में काम कर रही थी। अब नूंह पुलिस कप्तान वरुण सिंगला ने जिले में गोरसुरक्षा को लेकर पांच और सेल खोले हैं। नूंह पुलिस कप्तान ने फिरोजपुर झिरका के अलावा नूंह, पिनगवां, पुन्हाना, तावडू में चार नए गोसुरक्षा सेल गठित किए हैं। प्रत्येक सेल में 10 से 12 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। एसपी का कहना है कि इन सेलों के माध्यम से गोहत्या पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि जनवरी 2023 से पहले नूंह जिले में उन गांवो का सर्वे कराया गया था, जिनमें गोहत्या होती हैं। सर्वे में ऐसे 158 गांवों के नाम सामने आए। इन सभी ग्राम पंचायतों ने गांव के प्रमुख लोगों के साथ एक पंचायत पर गोहत्या करने के प्रस्ताव पारित कर जनवरी और फरवरी में उन्हें सौंप दिए थे। पंचायत ने गोहत्यारों पर नकेल कसने के लिए सामाजिक बहिष्कार करने सहित कई फैसले लिए थे।
एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि जिले के 443 गांवों में से दस ऐसे गांव हैं, जहां कभी कभार गोहत्या होती है। ऐसे गांवों में गोहत्या रोकने को लेकर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। एसपी का कहना है कि सर्वे में पाया है कि जिले के गांव बसीमेव, दोहा, महूं, नावली, घाटा शमशाबाद, मूलथान, घाघस, कंसाली, भूडबास और नांगल मुबारकपुर में गोहत्या होने के मामले सामने आते हैं।
नूंह पुलिस कप्तान वरुण सिंगला ने बताया कि गोहत्या में कुछ लोग ही जुड़े हुए हैं, जिससे पूरा मेवात बदनाम होता है। जिले में गोहत्या रोकने के लिए धार्मिक गुरुओं के अलावा, पंच, सरपंच नंबरदार और समाज के चौधरियों का सहयोग लिया जा रहा है। पिछले चार माह में जिले में गोहत्या में काफी कमी आई है। पिछले साल सबसे ज्यादा 550 गोहत्या के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। गोहत्यारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है।
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