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Gurugram News: रिकॉर्ड रूम आगजनी में जलीं 143 साल पुरानी फाइलेंं

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उच्च न्यायालय के इंस्पेक्टिंग जज ने निरीक्षण के बाद न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
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नंबर गेम - 21 अदालतों का कार्य प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला कोर्ट परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम में रविवार को आग लगने की घटना में 143 साल का रिकॉर्ड जलकर खाक हो गया। खुफिया विभाग के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो 1883 के बाद का रिकॉर्ड इस दौरान जल गया है। वहीं, हादसे के बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के इंस्पेक्टिंग जज न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा ने देर शाम घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा सहित अन्य न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के समय तक आग पूरी तरह से नियंत्रित नहीं हो पाई थी, बावजूद इसके सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों व प्रशासनिक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए न्यायमूर्ति ने प्रभावित भवन का जायजा लिया और स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों का रिकॉर्ड आग में प्रभावित हुआ है, उनकी फाइलों का शीघ्र पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) सुनिश्चित किया जाए। उच्च न्यायालय इस प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा ताकि न्यायिक कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ मामलों के निर्णयों में रिकॉर्ड प्रभावित होने के कारण समय लग सकता है, लेकिन सभी मामलों का रिकॉर्ड चरणबद्ध तरीके से दोबारा तैयार किया जाएगा।
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इससे पहले न्यायमूर्ति मिश्रा ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में उपायुक्त उत्तम सिंह, पुलिस आयुक्त शिवास कविराज, जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश यशविंद्र पॉल सिंह, सीजेएम रजत वर्मा, बार एसोसिएशन के प्रधान चंद्रकांत शर्मा, महासचिव राहुल धनखड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आग से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया गया और प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा ने बताया कि प्रभावित भवन का तापमान अभी भी अधिक होने के कारण नुकसान का अंतिम आकलन नहीं किया जा सका है। भवन के कुछ हिस्सों की संरचनात्मक स्थिति का परीक्षण किया जाना शेष है और फिलहाल भवन के अंदर प्रवेश सुरक्षित नहीं माना जा रहा। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ व तकनीकी एजेंसियों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही विस्तृत निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जा सकेगा।
जिला कोर्ट परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम में आग लगने की घटना के बाद जिला बार एसोसिएशन भी न्यायिक व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के प्रयासों में सक्रिय रूप से आगे आई है। गुरुग्राम बार एसोसिएशन के प्रधान चंद्रकांत शर्मा व महासचिव राहुल धनखड़ ने कहा कि आग से प्रभावित रिकॉर्ड व फाइलों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में बार एसोसिएशन न्यायपालिका व प्रशासन को पूरा सहयोग प्रदान करेगी।

पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में संचालित होंगी 21 अदालतें
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि घटना के चलते पुरानी न्यायालय भवन में संचालित लगभग 21 अदालतों का कार्य प्रभावित हुआ है। इसके मद्देनजर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में सभी अदालतों के संचालन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से भी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि न्यायिक अधिकारियों को अदालत संचालन हेतु सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत न्यायिक कार्य सुचारू रूप से संचालित करवाने में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। विशेष रूप से जरूरी व अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई सुनिश्चित की गई है ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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करीब 15 साल का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया गया
बताया जा रहा है कि सिविल मामलों का रिकॉर्ड की आगजनी की घटना में खराब हुआ है। रिकॉर्ड रूम में पिछले करीब 15 वर्षों के दौरान के केसों का रिकॉर्ड ऑनलाइन कराया जा चुका है। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण व पुराने मामलों का रिकॉर्ड भी रूम में रखा हुआ था।
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