गुरुग्राम। ऑक्सीजन गैस की कालाबाजारी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, ड्रग कंट्रोलर व गुरुग्राम पुलिस की सेक्टर 40 अपराध शाखा ने शुक्रवार को संयुक्त अभियान चलाकर किया है। सूचना पर फर्जी ग्राहक बनकर भेजे गए पुलिसकर्मी को गिरोह के तीन सदस्य सेक्टर 38-39 में ऑक्सीजन सिलिंडर 90 हजार रुपये में बेचने को तैयार हो गए, जबकि उसकी वास्तविक कीमत 12 हजार रुपये है। कार से सिलिंडर निकालकर देते वक्त टीम ने तीनों को दबोच लिया। इसके सरगना को भी सेक्टर-39 की आवास सोसाइटी से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी शहर में अब तक कई ऑक्सीजन गैस के सिलिंडरों की कालाबाजारी कर चुके हैं। इनके साथ जुड़े अन्य लोगों की जानकारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कोरोना महामारी के बीच एक गिरोह शहर में ऑक्सीजन सिलिंडरों की कालाबाजारी कर रहा है। इन्हें पकड़ने के लिए दोपहर में अपराध शाखा सेक्टर-40 पुलिस, ड्रग कंट्रोलर व मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। पुलिसकर्मी को फर्जी ग्राहक बनाकर गिरोह के एक सदस्य के पास सेक्टर-38-39 में भेजा गया। यहां गिरोह के तीन सदस्य एक कार में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर लेकर मौजूद थे।
पुलिस कर्मी को वह 90 हजार रुपये में सिलेंडर देने के लिए तैयार हो गए। कार से सिलिंडर देते समय टीम ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम राजेश निवासी महेंद्रगढ़, सत्यम निवासी पालीगंज, बिहार व धर्मेंद्र पुनिया निवासी झुंझुनू, राजस्थान बताया। इनकी जानकारी पर सेक्टर-39 में आवास सोसाइटी के फ्लैट 101-102 में बैठे इनके सरगना भूपेंद्र यादव निवासी जींद को भी गिरफ्तार कर लिया।
सरगना भूपेंद्र ने बना रखी है फर्म
गिरोह के सरगना ने बताया कि वह हेल्थकेयर सोल्यूशन के नाम से फर्म चलाता है। महामारी के समय में लोगों की मजबूरी देखकर ऑक्सीजन गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी शुरू की। आवास सोसाइटी में फ्लैट में ऑफिस बना हुआ है। 12 हजार रुपये के सिलिंडर को 90 हजार रुपये तक में बेच रहे थे। नई खेप में 10 सिलिंडर लेकर आए थे। इनमें से एक बृहस्पतिवार को ही बेच चुके थे। पुलिस ने आरोपियों से नौ सिलिंडर व एक कार बरामद कर ली है। पूछताछ कर कालाबाजारी में संलिप्त अन्य लोगों की जानकारी की जा रही है। अब तक कितने सिलिंडर बेच चुके हैं, उनकी सप्लाई कहां से होती थी, इन सब जानकारियों को भी जुटाया जा रहा है।