गुरुग्राम में भ्रूण जांच और बरेली में होती थी भ्रूण हत्या
जून महीने में स्वास्थ्य विभाग की हुई छापेमारी में भी पकड़े गए थे दोनों एजेंट, जमानत पर हुए थे जेल से रिहा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पंजाब व गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने पकड़े लिंग जांच व भ्रूण हत्या करने वाले गिरोह के तार उत्तर प्रदेश से भी जुड़े हुए हैं। गुरुग्राम में केवल लिंग जांच होती थी जबकि भ्रूण हत्या करने के लिए ग्राहक को बरेली ले जाया जाता था। घटना में पकड़े दोनों एजेंट जून महीने में खेड़की दौला थाने के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की हुई छापेमारी में भी पकड़े गए थे। जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद दोनों आरोपी दोबारा से इस धंधे में संलिप्त हो गए।
जिला औषधि नियंत्रक अमनदीप चौहान के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों एजेंट का काम ग्राहक को पंजाब एवं हरियाणा सहित अन्य राज्यों से लेकर गुरुग्राम पहुंचना था। उन्हें इसके लिए अपनी निश्चित राशि प्राप्त हो जाती थी। दोनों एजेंटों को ग्राहक लाने के लिए 10 हजार रुपये मिलते थे। 25 हजार रुपये लिंग जांच व भ्रूण हत्या के लिए होते थे। एजेंट सतीश व देवेंद्र पहले खेड़की दौला थाना क्षेत्र में जून 2018 में हुई छापेमारी में भी पकड़े गए थे। उन्होंने पूछताछ में बताया कि वह ग्राहक को लेकर चिकित्सक कृष्ण गोपाल के पास आते थे। ग्राहक को कब और किस जगह लाना है यह चिकित्सक कृष्ण गोपाल का बेटा नितिन तय करता था। वह केवल लिंग जांच कर यह बता देते थे कि गर्भ में पल रहा भ्रूण लड़का है या लड़की। भ्रूण लड़की का होने पर कृष्ण गोपाल बरेली उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित सत्यवान अस्पताल में संपर्क कर ग्राहक को भेजता था। ग्राहक को बरेली ले जाने व लाने का जिम्मा नितिन पर होता था। इसके लिए नितिन अपनी आरटिगा गाड़ी का प्रयोग करता था जिस पर देवेंद्र बतौर चालक था। गर्भपात के लिए इसी गाड़ी में ही किट मौजूद रहती थी। जिसे भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बरामद किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच अपराध शाखा से कराने की सिफारिश की मांग पुलिस आयुक्त से की है ताकि देशभर में चल रहे लिंग जांच व भ्रूण हत्या के इस रैकेट का भंडाफोड़ किया जा सके।