मेदांता के डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत पर नेग्लिजेंसी बोर्ड ने शुरू की जांच
गुरुग्राम। मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने की शिकायत पर जिला मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को बोर्ड ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद उनके बयान दर्ज कर लिए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप था कि पैर के फैक्चर के इलाज के चलते उन्हें इंफेक्शन हो गया था। बाद में उन्हें चर्म रोग हो गया।
शिकायतकर्ता बीरबल ने बताया कि पैर में हल्का फैक्चर होने पर उन्होंने नवंबर 2017 में मेदांता अस्पताल में अपना इलाज करवाया था। इलाज के दौरान उन्हें इंफेक्शन हो गया था। इससे उनके पूरे शरीर पर सफेद निशान होने शुरू हो गए थे। मेदांता में 2 बार दवाई लेने के बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ा। जिसके बाद अस्पताल के डॉक्टर ने 2 लाख रुपये में इसे पूरी तरह से सही करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बाद भी बीमारी ठीक नहीं हुई। इस मामले में उन्होंने जिला उपभोक्ता कोर्ट में ठगी की शिकायत दी थी। मामला मेडिकल सेे जुुड़ा होने के चलते इसे नेग्लिजेंसी बोर्ड को सौंप दिया गया था। जिस पर नेग्लिजेंसी बोर्ड ने अब अपनी जांच शुरू कर दी है।
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बयान:
शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ की भी राय ली जाएगी। मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख दी गई है।
-डॉ. प्रदीप शर्मा, सदस्य मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड