चंदू बुढ़ेरा में अभी 400 एमएलडी पानी होता है शोधित, ओल्ड और न्यू गुरुग्राम में पेयजल आपूर्ति हाेगी बेहतर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण चंदू बुढ़ेरा में पांचवें 100 एमएलडी संयंत्र को मार्च-अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे गर्मियों में पेयजल और सुधार लाया जा सके। अभी संयंत्र से 400 एमएलडी पानी शोधित होता है। इसके शुरू होने से ओल्ड और न्यू गुरुग्राम में पेयजल आपूर्ति बेहतर हाेगी।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने चंदू बुढ़ेरा पेयजल संयंत्र में 100 एमएलडी का पांचवां संयंत्र बनवा रहा है। इसे साल 2025 में भी पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन समय और बढ़ा दिया गया है। इसके निर्माण पर करीब 78 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि चंदू बुढ़ेरा संयंत्र में 100-100 एमएलडी के चार संयंत्र हैं। पांचवें संयंत्र का काम मार्च-अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारी ने बताया कि 100 एमएलडी के छठे संयंत्र के निर्माण को लेकर जीएमडीए की बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल चुकी है। जीएमडीए शहर में पेयजल की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए नई यूनिटों के निर्माण पर काम कर रहा है।
बता दें कि द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद न्यू गुरुग्राम के सेक्टरों में तेजी से विकास हो रहा है। ऐसे में आने वाले समय में पानी की मांग और बढ़ेगी। इस क्षेत्र में अधिकांश हाई राइज इमारतें बनी और बन रही हैं। ऐसे में जीएमडीए भविष्य में पानी की मांग को देखते हुए चंदू बुढ़ेरा प्लांट में नए संयंत्र स्थापित करने पर जोर दे रहा है। जीएमडीए इसी साल सेक्टर-72 बूस्टिंग और ग्वालपहाड़ी बूस्टिंग तक पानी पहुंचाने की योजना रखता है। ऐसे में नए संयंत्र जल्द शुरू कराना चाहता है।