फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: सुभाष चौक से 10 किमी सड़क अतिक्रमण मुक्त, 100 अवैध ढांचे हटाए

विज्ञापन
विज्ञापन
कार्रवाई से सड़क पर पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता सुगम हुआ
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अभियान के छठे दिन सोमवार को सुभाष चौक और आसपास करीब 10 किलोमीटर सड़क से अतिक्रमण हटाया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 100 अवैध निर्माण, शेड, झुग्गियां, रेहड़ी-पटरी और अन्य अतिक्रमण हटाकर सड़क की सार्वजनिक जमीन (आरओडब्ल्यू) खाली कराई गई।
यह अभियान जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा के निर्देश पर चलाया जा रहा है। अभियान का नेतृत्व डीटीपी (एनफोर्समेंट) आरएस बाठ ने किया। सुभाष चौक से हीरो होंडा चौक तक करीब 3.5 किलोमीटर सड़क पर कार्रवाई की गई। यहां सार्वजनिक जमीन पर कब्जा कर बनाए गए करीब 25 अस्थायी ढाबे, रेस्तरां, खोखे और फर्नीचर की दुकानें हटाई गईं। इसके अलावा पौधों की नर्सरी और निर्माण सामग्री की तीन दुकानें भी हटाई गईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी और नगर निगम की टीमों के सहयोग से करीब 10 अवैध वेंडर गाड़ियां भी हटाई गईं। इससे सड़क पर पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता सुगम हुआ।
विज्ञापन



मेट्रो स्टेशन तक भी चला अभियान
सुभाष चौक से मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन तक करीब 4.5 किलोमीटर हिस्से में भी कार्रवाई की गई। यहां करीब 35 अवैध शेड और सड़क की जमीन पर किए गए बढ़े हुए निर्माण हटाए गए। इसके साथ ही पांच झुग्गियां भी हटाई गईं। सेक्टर-46/47 और 45/46 के बीच सेक्टर डिवाइडिंग रोड पर करीब दो किलोमीटर हिस्से में भी अतिक्रमण हटाया गया। यहां से 15 झुग्गियां, 12 स्थायी मजदूर झोपड़ियां व टिन शेड और दो अवैध होर्डिंग हटाए गए।
विज्ञापन



मलबा हटाने के लिए लगेंगी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
बड़े स्तर पर कार्रवाई के दौरान निकल रहे मलबे को देखते हुए जीएमडीए सीईओ पीसी मीणा ने मंगलवार से तीन-चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाने के निर्देश दिए हैं। आरएस बाठ ने बताया कि कई स्थानों पर अभियान को लोगों का सहयोग मिला। निवासियों और राहगीरों के सहयोग से टीमों को कार्रवाई में आसानी हुई और अवैध निर्माण व अस्थायी दुकानों से घिरी सार्वजनिक जमीन को खाली कराया जा सका। जीएमडीए अधिकारियों के अनुसार केवल अतिक्रमण हटाना अभियान का उद्देश्य नहीं है। खाली कराई गई जगहों की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें