शहर में स्मार्ट पावर ग्रिड का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। इसके लेकर बिजली निगमों ने तैयारी तेज कर दी है। इसको तैयार करने पर 12 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसकी भी व्यवस्था कर ली गई है।
इस काम के पूरा होने के बाद निर्बाध बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। यह काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। निगम के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर के अंत तक यह टेंडर जारी कर दिया जाएगा। वहीं यह भी योजना है कि इस काम का अवार्ड मार्च-अप्रैल, 2016 में कर दिया जाएगा।
स्मार्ट ग्रिड के दायरे में उन सेक्टरों को भी शामिल किया गया है बनने वाले हैं। इसमें सेक्टर-58 से 115 तक इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है पर इसे विकसित करने का प्रथम चरण गुड़गांव के मौजूदा सेक्टर-1 से 57 से आरंभ होगा।
इस पर 7,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। वहीं स्मार्ट ग्रिड का दूसरा चरण डीएलएफ फेज-1 से 5 और सुशांत लोक क्षेत्र में शुरू किया जाएगा। यहां 1,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तीसरे चरण में अन्य बचे क्षेत्रों में यह काम पूरा किया जाएगा।
इस काम के लिए बुधवार शहर में पावर सेक्टर से ताल्लुक रखने वाली 38 कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। स्मार्ट पावर ग्रिड को किस प्रकार से तैयार किया जाए इस पर उनकी राय ली गई। यह बैठक महरौली रोड स्थित हेतरी हाउस में हुई।
ऑटोमेटिक होगा आपूर्ति प्रणाली
स्मार्ट पावर ग्रिड के माध्यम से गुड़गांव की बिजली आपूर्ति ऑटोमोटिक सिस्टम से होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर एक सिस्टम में बिजली चली गई या खराब हो गई तो दूसरा सिस्टम स्वत: चालू हो जाएगा।
इससे गुड़गांव की बिजली एक मिनट के लिए भी बाधित नहीं होगी। स्मार्ट ग्रिड योजना के अनुसार गुड़गांव का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर भूमिगत होगा। स्मार्ट ग्रिड के लिए गुड़गांव में पहले ही आठ टीमों का गठन कर दिया गया है।
पहले चरण में सेक्टर-1 से 57 तक में स्मार्ट ग्रिड विकसित करने का काम शुरू होगा। इसमें 7000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वैसे पूरे गुड़गांव में 12 हजार करोड़ की लागत से स्मार्ट ग्रिड सिस्टम विकसित करने का बजट है। इसे लेकर बैठकों का भी दौर चल रहा है।
-संजीव चोपड़ा, अधीक्षण अभियंता, डीएचबीवीएन