देश-विदेश में ख्याति प्राप्त शीतला माता मंदिर में इन दिनों चैत्र मेला चल रहा है। यहां रोजाना करीब दो लाख भक्त दर्शन को पहुंच रहे हैं। ये भक्त सिर्फ हरियाणा ही नहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से भी आ रहे हैं। कहने को प्रशासन ने मेले में आने वाले भक्तों की सुविधा के कई दावे किए हैं, लेकिन वे सिर्फ मंदिर परिसर में ही दिखते हैं।
मंदिर से बाहर सड़क पर बेतरतीब यातायात व्यवस्था से भक्त परेशान हैं। उनका कहना है कि यातायात की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उन्हें हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है। अगर किसी कारणवश यहां भगदड़ मच जाए तो ऐसी स्थिति में यहां भी केरल के पुत्तिंगल देवी मंदिर जैसा हादसा हो सकता है। सोमवार को ‘अमर उजाला’ ने शीतला माता मंदिर परिसर के अंदर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रस्तुत है संवाददाता यशलोक सिंह और फोटो जर्नलिस्ट दिनेश कुमार की रिपोर्ट-
मंदिर के बाहर सुरक्षा भगवान भरोसे
जिला प्रशासन ने मंदिर के अंदर भक्तों की सुरक्षा का तो पुख्ता इंतजाम कर रखा है, मगर मंदिर के बाहर उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। जैसे भी भक्त माता के दर्शन के बाद सड़क पर निकलता है तो उसका संकट शुरू हो जाता है। सड़क पर कभी उसका स्वागत सरपट दौड़ते वाहनों तो कभी भारी भरकम जाम से होता है। अगर मंदिर में किसी कारण भगदड़ मच जाए तो बाहर निकलते ही जानमाल का भारी नुकसान होने की पूरी संभावना है। भक्तों का कहना है कि आपात स्थिति को ध्यान में रखकर प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। मंदिर के साथ ही जिला प्रशासन को बाहर भी भक्तों की सुविधा के लिए ठोस इंतजाम करने की जरूरत है।
सड़क पर सीवर ओवर फ्लो
शीतला माता मंदिर के बराबर चौगानी माता मंदिर रोड पर सीवर ओवर फ्लो हो रहा हैं, जिससे सड़क पर पानी भर गया है। इसी रोड पर वीआईपी के प्रवेश के लिए गेट है। यहीं पर प्रसाद की काफी दुकानें हैं। इसकी खरीद के लिए भक्तों को इस गंदे पानी में प्रवेश कर जाना पड़ रहा है। कई लोग इसमें गिर चुके हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
सड़क पार करने के लिए जद्दोजहद
मंदिर में दर्शन को आने वाले भक्तों को जाम हलकान कर रहा है। जब से चैत्र मेला शुरू हुआ है, तभी से माता रोड पर सुबह से देर शाम तक जाम लगा रहता है। नवरात्र में तो बुरा हाल हो गया है। इस कारण भक्तों का मंदिर में प्रवेश करना और बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आवश्यक व्यवस्था के अभाव में रोड के दूसरे साइड में आने-जाने के लिए भक्तों को काफी पापड़ बेलने पड़ते है। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे अधिक मुसीबत उठानी पड़ रही है। पड़ताल के दौरान माता रोड पर ट्रैफिक पुलिस का कोई जवान नहीं मिला।
पार्किंग के लिए मारामारी
जिला प्रशासन ने फ्री पार्किंग की व्यवस्था की है। इसके बावजूद मारामारी की स्थिति है। प्रसाद के दुकानों के साथ-साथ बनाई गई निजी पार्किंग में भी वाहन खचाखच भरेे रहते हैं। ऐसे में जिन भक्तों को पार्किंग में स्पेस नहीं मिलता तो वह सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर जाते हैं। इससे स्थिति और भी दुरूह हो जाती है।
माता मंदिर में दर्शन के लिए आए लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। मंदिर में उन्हें कोई परेशानी नहीं है, मगर बाहर आते ही सड़क पर सुरक्षित निकलने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है।-सतपाल
मंदिर के अंदर प्रवेश करने में काफी दिक्कत हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ सड़क पार करना जान जोखिम में डालने जैसा है। यहां ट्रैफिक बेलगाम है, इसे संभालने के लिए कोई पुलिस वाला भी नहीं लगाया गया है।-अरविंद, मोदी नगर, उत्तर प्रदेश
अगर शीतला माता मंदिर के अंदर किसी बात को लेकर भगदड़ मचती है तो इससे निपटने का कोई इंतजाम यहां नहीं दिखाई देते हैं। ये लोगों की आस्था ही है कि भक्त यहां मौजूद समस्याओं को झेल पा रहे हैं।-शकुंतला, उत्तर प्रदेश
चौगानी माता रोड पर सीवर ओवर फ्लो है। इससे माता के दर्शन करने वालों को दिक्कत के साथ ही प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों का भी काफी नुकसान हो रहा है। भक्तों को गंदे पानी में घुसकर प्रसाद लेना पड़ रहा है।-गोपाल, प्रसाद विक्रेता