हरियाणा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें भाजपा पहली बार बहुमत से चुनाव जीती है। हालांकि अभी चुनाव नतीजे आए दो दिन ही हुए हैं पर गुड़गांव जिले की चारों सीटों पर जीत दर्ज करने वाले विधायक अभी से ही राज्य सरकार में मंत्रीपद पाने के लिए गुणा-गणित में लग गए हैं।
जहां चुनाव से पहले सभी विधायक अपने मंत्रीपद को लेकर कुछ कहने को तैयार नहीं थे व पार्टी की इच्छा को सर्वोपरि बता रहे थे। वहीं रविवार को नतीजे आने के बाद से ही ये सभी सरकार में अपनी भूमिका को लेकर ज्यादा मुखर हो गए और मंत्रीपद मिलने की इच्छा जाहिर करने लगे। इसके साथ ही खुद को पद के योग्य भी साबित करने में लग गए।
उमेश अग्रवाल बता रहे खुद को योग्य
गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र से 84,095 के रिक़ॉर्ड वोटों से जीत दर्ज करने वाले उमेश अग्रवाल सोमवार तक तो अपनी महत्वकांक्षा को लेकर काफी खामोश थे। नतीजे आने से पहले जब उनसे पूछा गया था कि भाजपा की सरकार बनने पर क्या वह कोई मंत्रीपद संभालेंगे?
इस प्रश्न के जवाब में तब अग्रवाल ने कहा था कि यह फैसला नए मुख्यमंत्री ही करेंगे। वहीं सोमवार को दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई गुड़गांव के चारों विधायकों की बैठक के बाद अग्रवाल के सुर बदले-बदले नजर आए। सोमवार को वह हरियाणा सरकार में अपने भविष्य को लेकर ज्यादा आश्वस्त नजर आए।
अपनी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को देते हुए अग्रवाल ने कहा कि, 'ये तो होना ही था। गुड़गांव की जनता के मन में केवल एक नाम था और वो था मोदी।' अग्रवाल ने आगे कहा कि, 'मोदीजी ने अपनी रैली में कहा था कि गुड़गांव बैंगलुरू जैसा शहर बन सकती है। अब गुड़गांव के वोटरों ने अपने वोट से इस बात पर मुहर लगा दी है कि मैं मोदीजी के किए गए वादों को पूरा करूं।'
उमेश अग्रवाल के इस बयान से संकेत मिलता है कि वह खुद को हरियाणा सरकार में मंत्रीपद के योग्य समझते हैं क्योंकि उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की है। अगर सूत्रों की मानें तो अग्रवाल को शहरी विकास मंत्रालय मिल सकता है, जिसके लिए वो आजकल केंद्रीय नेतृत्व के खूब चक्कर लगा रहे हैं।
बिमला के सर पर है राव इंद्रजीत का हाथ
कुछ ऐसा ही हाल है सोहना के विधायक तेजपाल तंवर का, जो खुद को सरकार में मंत्रीपद के योग्य मानते हैं। तेजपाल ने सोहना विधानसभा सीट कुछ 24,547 वोटों से जीती है। तंवर बातचीत में कहते हैं कि, 'हां मुझे सरकार में मंत्रीपद चाहिए और मेरी यह मंशा बहुत ही स्वाभाविक है। लेकिन इन सब बातों से ऊपर जो बात है वो गुड गवर्नेंस की है।'
वहीं पटौदी से चुनाव जीतने वाली और गुड़गांव के सांसद व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की करीबी बिमला चौधरी कहती हैं कि, उनके साथ केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन है। उन्हें चाहे कोई भी मंत्रालय दिया जाए पर वो पटौदी के विकास के लिए काम करती रहेंगी। बिमला ने ये भी कहा कि मोदीजी और राव साहब(राव इंद्रजीत) उन्हें कोई भी मंत्रालय दें, वो खुश होंगी।
राव नरबीर को मिल सकता है मंत्रीपद
सूत्रों के अनुसार बिमला चौधरी राव इंद्रजीत के कैंपेन और समर्थन के सहारे ही जीतने में कामयाब हुई हैं। यहां तक कि चौधरी के नामांकन प्रक्रिया में भी राव पूरे समय उनके साथ थे।
बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान जब राव इंद्रजीत कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे तब चौधरी उनके पीछे-पीछे राव के इंसाफ मंच में शामिल हो गई थीं। चौधरी से जब उनकी महत्वकांक्षा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि महत्वकांक्षा तो मुख्यमंत्री बनने की भी है।
हालांकि अटकलें हैं कि बादशाहपुर के एमएलए राव नरबीर सरकार में जगह पाने के मजबूत दावेदार हैं। राव नरबीर के खेमें के ही एक सूत्र के अनुसार राव सरकार में मंत्रीपद पाने के योग्य उम्मीदवार हैं। वह दो बार 1987 में जतुसाना और 1996 में सोहना से विधायक रह चुके हैं। दोनों ही बार उन्हें सरकार में जगह मिली थी।