पुलिस के साये में खुली मीट की दुकानें
- फोटो : अमर उजाला
शिवसेना द्वारा मीट और चिकन की दुकानों के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद अब दुकानदार खौफजदा हैं। शिवसेना के निशाने पर आने से उन्हें अपने कारोबार को लेकर चिंता सताने लगी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ हो रही कार्रवाई को कारण मान रहे हैं।
नवरात्र में नौ दिन लगातार दुकान बंद करने के तुगलकी फरमान के खिलाफ दुकानदारों ने पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई है, जिसके बाद से जामा मस्जिद के सामने लगातार पुलिस की जिप्सी खड़ी कर दी है। बृहस्पतिवार को पुलिस के साये में दुकानें खुलीं।
दुकानदारों का कहना है कि यहां पर गोवंश की हत्या नहीं की जाती है। भारतीय और हरियाणा सरकार के कानून का पालन किया जाता है। शहर के बीचोंबीच कोई भी अवैध काम नहीं हो रहा है। फिर भी तंग करने की कोशिश हो रही है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि इस तरह की धमकी और कारोबारियों को डराना धमकाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बता दें कि ओल्ड गुरुग्राम के जामा मस्जिद, बिसमिल्लाह मस्जिद समेत अन्य जगहों पर 500 से अधिक दुकानों को बंद करवाया था। नवरात्र के लिए और हर मंगलवार को बंद करने का नोटिस देकर सभी दुकानों को बंद करवाया था।
पर्दे में बिकने लगा मीट
पुलिस के साये में खुली मीट की दुकानें
- फोटो : अमर उजाला
शिवसेना की धमकी और दुकान बंद करवाने की कार्रवाई से खौफजदा दुकानदारों ने अपनी दुकानों को अंदर समेत लिया है। सभी दुकानों के आगे पर्दे लग गए हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बाहर टंगा मीट का रिवाज अब दुकानदारों ने खत्म कर दिया है। सभी एक पर्दे के अंदर ही सिमट गए हैं।
कम ला रहे हैं मीट
दुकानदारों के मुताबिक, यहां केवल हलाली मीट की बिक्री होती है। यहां केवल लाकर बेचने का काम होता है। ऐसे में यहां किसी तरह का प्रदूषण या गंदगी बाहर नहीं फेंकी जाती है। शिवसेना द्वारा धमकी और बंद करवाने की कार्रवाई के बाद अब कम मीट ला रहे हैं।
मंगलवार को बंद रखेंगे
सदर बाजार की रेहड़ी पटरी समेत अन्य सभी दुकानें बंद होने को देखते हुए मीट कारोबारियों ने भी अगले सप्ताह से दुकान बंद करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी दुकानदारों की बुधवार शाम को बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से इस बाबत फैसला लिया। बता दें कि 70 वर्ष के इतिहास में पहली बार मीट की दुकानें मंगलवार को बंद होंगी।
पहली बार कोई दुकान बंद कराने आए थे। उनकी आपत्ति को सुना गया और इसके बाद पर्दे लगाकर दुकान चलाई जा रही है। नवरात्र में पहले भी दुकान खोलते रहे हैं। किसी को कोई आपत्ति नहीं होती थी।-राशिद, दुकानदार
वर्षों से यहां दुकानें चल रही हैं। पुलिस और प्रशासन सभी को पता है। यहां कोई अवैध काम नहीं होता है। हम सभी का सम्मान करते हैं। किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचे, इसके लिए पर्दे लगा दिए और मंगलवार को बंद रखने का निर्णय लिया गया।-मो. अताउल्लाह, दुकानदार