मैरिज गार्डन के संचालकों को अब नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा। जनवरी से बिना लाइसेंस वाले मैरिज गार्डन संचालकों को नोटिस थमाए जाएंगे, जिसके बाद इनके संचालन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में करीब 350 मैरिज गार्डन और बैंक्वेट हॉल संचालित किए जा रहे हैं, जिसके लिए अब तक किसी तरह की पॉलिसी नहीं थी। स्थानीय निकाय की ओर से बीते माह नई नीति का मसौदा तैयार किया गया। इस नीति की जानकारी स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने नगर निगम को भेजी है, जिसके आधार पर मैरिज गार्डन संचालकों को लाइसेंस लेना होगा।
इसके लिए उन्हें ट्रेड लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। तय शुल्क चुकाने के बाद यह लाइसेंस दिया जाएगा। कुल एरिया व कवर्ड एरिया के अनुसार टैक्स का आकलन किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऐसे मैरिज गार्डन व बैंक्वेट हॉल को निगम की ओर नियमित कर दिया जाएगा। जनवरी से नगर निगम के अधिकारियों ने मैरिज गार्डन संचालकों को नोटिस थमाने का फैसला लिया है। पहले नोटिस में लाइसेंस लेने के लिए चेतावनी होगी।
नोटिस के बाद भी लाइसेंस न लेने वालों के खिलाफ निगम कार्रवाई करेगा। निगम की ओर से ऐसे मैरिज गार्डन व बैंक्वेट हॉल को ही नियमित किया जाएगा, जोकि कम से कम 12 मीटर चौड़ाई वाले रोड पर बने हों। निगम के अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंचकर मैरिज गार्डन के मानकों की जांच करेगी, जिसमें आग से बचाव के उपाय और भवन की स्ट्रक्चरल रिपोर्ट सहित अन्य जांच होगी। अधिकारियों की टीम का गठन सबंधित अधिकारियों की ओर से ही किया जाएगा।
निगम आयुक्त प्रवीण कुमार ने कहा कि मैरिज गार्डन को लेकर पॉलिसी आ चुकी है, जिसके लिए प्रोफार्मा तैयार कराया जा रहा है। इसके लिए आवेदन मिलने के 30 दिन के तय समय में लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
लाइसेंस के बाद मिलेंगी सुविधाएं
निगम की ओर से लाइसेंस दिए जाने के बाद गार्डन संचालकों को सुविधाएं दी जाएंगी, जिसमें पानी कनेक्शन, स्ट्रीट लाइट, सड़क और सीवर की लाइन सहित अन्य सेवाएं मिलेंगी। निगम की ओर से जल्द ही अधिसूचना को वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।