लघु सचिवालय में शुक्रवार को विकास समन्वय व निगरानी समिति की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय शहरी विकास आवास राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने की।
इस दौरान उन्होंने तीन जिलों गुड़गांव, रेवाड़ी व मेवात में चल रही केंद्रीय विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गुड़गांव को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल कराने की कोशिश जारी है।
विकास समन्वय व निगरानी समिति की यह गुड़गांव में दूसरी बैठक थी। इसमें पहली बैठक की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने मंत्री से कहा कि काम तेजी से चल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री उज्जवला योजना को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि गुड़गांव शहरी क्षेत्र में 60 व ग्रामीण एरिया में 50 फीसदी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। 31 अक्तूबर तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। एक नवंबर को गुड़गांव को केरोसिन मुक्त जिला घोषित करने की भी जानकारी दी गई।
अतिरिक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बैठक में बताया कि डिजिटल इंडिया सार्वजनिक इंटरनेट उपयोग कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए जिले समेत सभी 203 ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर पर इंटरनेट केबल पहुंचा दी जाएगी।
अभी तक गुड़गांव में 164 कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना की जा चुकी है। फसलों को होने वाले नुकसान के जोखिम से मुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर भी बातचीत हुई।
उज्जवल डिस्कॉम आश्वासन योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि बडगुर्जर फीडर एक नवंबर तक 2437 यूनिट बिजली सप्लाई करने वाला फीडर बन जाएगा।
राजमार्ग बुनियादी सुविधा कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान ट्रैफिक दबाव कम करने पर चर्चा हुई। सांसद आदर्श ग्राम योजना के गांव ऊंचा माजरा में केंद्रीय विद्यालय खोला जाएगा जिसके लिए 10 एकड़ भूमि की पहचान करके प्रस्ताव चंडीगढ़ भेजा जा चुका है।
गुड़गांव को स्मार्ट सिटी सूची में शामिल करने का प्रयास जारी
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि गुड़गांव को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल कराने की कोशिश जारी है। देश में 100 स्मार्ट सिटी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभी तक इसमें से केवल 60 स्मार्ट शहरों की सूची जारी की गई है। मार्च, 2017 के अंत तक गुड़गांव को भी इस सूची में शामिल कराने की कोशिश में वह जुटे हुए हैं।