सड़कों पर घूमते सांड फिर एक युवक की मौत का कारण बन गए। रविवार देर रात सांड की टक्कर से सड़क पर गिरे गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान के स्कूटी सवार बेटे की मौत हो गई। उनके साथ सवार बेटा हर्ष (10) बाल बाल बच गया।
घटना के वक्त वह मोहल्ला हरदेव सहाय से नया गंज में दुकान पर जा रहे थे। परिजनों ने सोमवार सुबह उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
हादसा रविवार रात करीब साढ़े 10 और 11 बजे के बीच हुआ। हरदेव सहाय मोहल्ला निवासी व अर्जुन नगर गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधक हरविंदर सिंह का बेटा मनीत सिंह (36) अपने बेटे के साथ स्कूटी से नया गंज की ओर जा रहे थे।
पिता हरविंदर सिंह ने बताया कि चित्रलोक सिनेमा के पास अचानक एक सांड स्कूटी के सामने आ गया। सांड की टक्कर से मनीत सिंह और उनका बेटा स्कूटी समेत दूर तक घिसटते चले गए।
हादसे में मनीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि सूचना पर पहुंचे परिजन उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे में मनीत का बेटा बाल-बाल बच गया। पिता हरविंदर सिंह ने बताया कि सिर में चोट लगने से मनीत को ब्रेन हैमरेज हो गया था।
स्टेबलाइजर बनाने का काम करते थे मनीत
परिजनों के मुताबिक मनीत बजरिया की रेनबो मार्केट में दुकान चलाता था और स्टेबलाइजर बनाने का काम करता था। उनसे पहले पिता हरविंदर सिंह दुकान चलाते थे, फिलहाल उनका बेटा कामकाज संभालता था।
दिखावा बना निगम का कैटल कैचिंग दस्ता
नगर निगम में आवारा सांडों को पकड़ने के लिए कैटल कैचिंग दस्ता गठित है। इस दस्ते को संसाधनों से लैस किया गया है। बावजूद इसके शहर में सांडों को नहीं पकड़ा जा रहा है। किसी हादसे के बाद ही निगम का यह दस्ता कभी कभार सक्रिय दिखाई देता है।