उन्होंने कहा कि करोल बाग व सदर बाजार की दो संपत्तियां कमेटी को दान में मिली हैं। अदालत में कमेटी जानबूझ कर केस हार गई और आज इन संपत्तियों पर जीके के रिश्तेदारों का कब्जा है। इसी तरह, कनाडा से मिले एक लाख डालर को फर्जी तरीके से कमेटी पदाधिकारियों के जरिए बैंक से निकलवा लिया गया। आयकर रिटर्न में इस राशि का कोई जिक्र नहीं है।
शंटी ने कहा 82 हजार पुस्तकों के भी फर्जी बिल मामले में उन्होंने कहा ऑडियो में कंपनी के मालिक ने कहा है कि उसे चेक से भुगतान किया गया लेकिन बाद में उनके खाते से पैसे निकालकर कमेटी के महाप्रबंधक 25 लाख रुपये नकद ले गया। शंटी ने कहा उक्त सभी घोटालों की शिकायत उन्होंने थाने में दी है और पुलिस ने उनके बयान भी दर्ज कर लिए है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
गुरुद्वारा कमेटी प्रवक्ता परमिन्द्र पाल सिंह ने कहा गुरमीत सिंह शंटी ने आज जो आरोप लगाए है उन पर कमेटी पहले ही नार्थ ऐवन्यू थाने में शिकायत दे चुकी है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।