कुछ ही समय पहले इस्तीफा देने वाले हड्डी रोग विभाग के वरिष्ठ डॉ. सीएस यादव घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तक बना चुके हैं। ये साल में एक बार लेह-लद्दाख जाकर वहां के लोगों के लिए शिविर लगाकर सर्जरी करते हैं। पहाड़ों के लोगों में घुटने और कूल्हे की समस्या ज्यादा होती है। इसके अलावा हड्डी रोग (ऑर्थो) के क्षेत्र में डॉ. सीएस यादव कई बड़े शोध भी कर चुके हैं। भले ही डॉ. सीएस यादव ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है, लेकिन एम्स के सूत्र संस्थान के लिए इसे बड़ा नुकसान मान रहे हैं।
993 संकाय पदों में से 304 रिक्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार एम्स में करीब 993 संकाय पदों में से 304 रिक्त पड़े हुए हैं, जबकि मरीजों का भार हर साल बढ़ता जा रहा है। एम्स की ओपीडी भी सालाना 40 लाख मरीजों से ऊपर पहुंच चुकी है। जबकि एम्स में सालाना ऑपरेशन की संख्या भी 1 लाख 94 हजार से ऊपर जा चुकी है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि इन सब के बीच डॉक्टरों की भारी कमी से आखिरकार एम्स कब तक उभर पाएगा?