दिल्ली सरकार के स्कूलों मेें कार्यरत 22 हजार अतिथि शिक्षकों का हौसला पस्त नहीं हुआ है। शनिवार को भी शिक्षक बड़ी संख्या में प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के 16वें दिन उन्होंने पंडित मार्ग से लेकर गोल डाकखाने तक शांतिपूर्वक मार्च किया। इस दौरान शिक्षक वी वांट पॉलिसी के नारे लगाते रहे। काफी शिक्षक अब अपने स्कूल का काम भी प्रदर्शन स्थल पर ही करते हैं। इसमें महिला शिक्षकों के साथ-साथ पुरुष शिक्षक भी शामिल हैं।
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि पॉलिसी के लिए कोई नई घोषणा नहीं करनी है। क्योंकि पॉलिसी को लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा से पहले ही कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। ऐसे में पॉलिसी को शिक्षकों के लिए लाया जा सकता है। शिक्षकों ने आप और भाजपा दोनों राजनीतिक पार्टियों से अतिथि शिक्षकों को फुटबाल ना बनाए जाने की अपील की।
ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन सदस्य शोएब राणा ने कहा कि दोनों पार्टियों ने बीते चार साल से अतिथि शिक्षकों को फुटबाल बनाया हुआ है। उन्हें राजनीति बंद करनी चाहिए। अतिथि शिक्षक की समस्या का समाधान करें और शिक्षकों के लिए 60 साल की जॉब सुरक्षा वाली पॉलिसी पास करवा कर लागू करवाएं।