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पेट पालने के लिए पंक्चर लगाने, सब्जी बेचने को मजबूर हुए गेस्ट शिक्षक

Thu, 25 Jun 2020 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • 8 मई से सैलेरी नही मिली, घर चलाने के लिए कर रहे ऐसे काम
  • स्कूल भी उन्हें सेवाओं के लिए बुला नही रहे
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वजीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना महामारी के कारण सरकारी स्कूलों के गेस्ट शिक्षकों के सामने पेट पालने की परेशानी खड़ी हो गयी। सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले कई गेस्ट शिक्षक पंक्चर बनाने, सब्जी बेचने और खेतीबाड़ी का काम करने में लगे हैं। कारण ये है कि उन्हें 8 मई के बाद से सैलेरी नही मिली है। 

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स्कूल भी उन्हें उनकी सेवाओं के लिए बुला नही रहे। इस कारण से वह अधिक परेशानी में है। ऐसे में वह मजबूरी के चलते ऐसे काम करने को मजबूर हो रहे है। दिल्ली के सर्वोदय बाल विद्यालय में अंग्रेजी पढ़ाने वाले वजीर सिंह इन दिनों सब्जी का ठेला लगा कर रोजी रोटी कमा रहे हैं। 
 

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देवेश कुमार - फोटो : अमर उजाला
इनकी तरह ही महरौली के सरकारी स्कूल के गेस्ट टीचर देवेश कुमार पंक्चर लगाने का काम कर रहे हैं। उन्हें भी घर चलाने के लिए मजबूरन ये काम करना पड़ रहा है। जबकि एक अन्य शिक्षक संजीव खेतीबाड़ी कर रहे है। गेस्ट टीचर है, सैलेरी आ नही रही। बच्चों को पढ़ाने वाले इन शिक्षकों को अपने बच्चों की शिक्षा का भी सोचना है, इसके लिए भी यह सब काम कर रहे हैं। 
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