134ए के तहत शिक्षा अधिकारियों पर गड़बड़ी और धांधली का आरोप लगाकर अभिभावकों ने सेक्टर-7 स्थित खंड शिक्षा कार्यालय में प्रदर्शन किया। दरअसल, शुक्रवार को स्कूल आवंटित करने की बजाय शिक्षा निदेशालय ने अभिभावकों को नए सिरे से स्कूलों का चुनाव करने का नोटिस जारी कर दिया।
बताया गया था कि रिक्त आरक्षित सीटों की संख्या के साथ स्कूलों की सूची अपडेट की गई है। लेकिन नई सूची में नामचीन स्कूलों में सीटें फुल दिखाई गई। जबकि हर वर्ष होने वाले दाखिले में कक्षावार कम से कम 10 से 25 फीसदी तक सीटें आरक्षित होती हैं। वहीं इस मामले पर शिक्षा अधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
परेशान अभिभावक अपनी समस्या पर बात करने शनिवार को शिक्षा विभाग पहुंचे। यहां साप्ताहिक अवकाश के कारण अधिकारी नहीं मिले। इससे अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 50 से ज्यादा अभिभावक अपने बच्चों के साथ दाखिले के लिए न्याय मांगने पहुंचे।
अभिभावकों ने अधिकारियों से बोर्ड पर लिखे नंबर पर भी संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठा। बल्लभगढ़ निवासी धीरेंद्र सिंह का कहना है कि 134ए के तहत शिक्षा के अधिकार के नाम पर गरीबों का मजाक उड़ाया जा रहा है। अभिभावक राजकुमार का आरोप है कि कक्षावार आरक्षित सीटें किस आधार पर शून्य हो गईं इसका जवाब न तो स्थानीय अधिकारी दे रहे हैं न ही निदेशालय कोई गौर कर रहा है।
भीकम कॉलोनी निवासी तूही राम अपनी पोती ख्याति का पांचवीं कक्षा में दाखिला कराना चाहते हैं। लेकिन नजदीकी स्कूल में आरक्षित सीटों की रिक्तियां ही नहीं है। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि सोमवार तक सूची में आरक्षित सीटों का सही ब्यौरा अपडेट नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर विरोध करने को तैयार हैं।
खंड स्तर से जो ब्यौरा आया उसे ही निदेशालय भेजा गया था। स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार ही डेटा भेजा गया है। इस पर निदेशालय स्तर से ही कुछ किया जा सकेगा।
- सतेंद्र कौर, शिक्षा अधिकारी