कोरोना संकट के कारण देशभर में लॉकडाउन लगा दिया गया है। अचानक लॉकडाउन के फैसले से हर कोई प्रभावित है। जो लोग अपने घरों में हैं, उनपर इसका भले ही थोड़ा कम असर हो रहा हो, लेकिन जो किसी अन्य जगहों में फंस गए हैं उनके लिए यह बेहद कठिन समय है।
सरकार अलग-अलग जगहों में फंसे लोगों की मदद करने के लिए तमाम कोशिशें कर रही हैं। इसके बावजूद की ऐसे लोग हैं जिन तक मदद नहीं पहुंच पा रही है। दिल्ली में भी छात्राओं का एक समूह इसी तरह फंस गया है और मदद की आस लगाए बैठा है।
असम, मेघालय और नागालैंड की 22 लड़कियों का एक समूह दिल्ली में फंस गया है। उन्होंने बताया कि वे हिमाचल प्रदेश के पालमपुर के स्कूलों की छात्राएं हैं और परीक्षा देने के बाद घर लौट रही थीं। उनके साथ छह वरिष्ठ लोग भी हैं जो दिल्ली में ही फंस गए हैं। उन्होंने बताया कि वे मार्च से ही दिल्ली में फंसे हुए हैं।
इन छात्राओं के साथ आईं प्रभारी अधीक्षक शीतल का कहना है कि छात्राओं की परीक्षा समाप्त होने के बाद हम लौट रहे थे। हमें दिल्ली-गुवाहाटी ट्रेन से वापस जाना था। जब हम दिल्ली पहुंचे तो पता चला कि अगले दिन जनता कर्फ्यू है, इसलिए ट्रेन को रद्द कर दिया गया है।
हम अगले दिन जनता कर्फ्यू के कारण यहीं रुक गए। इसके बाद लॉकडाउन की घोषणा हो गई। हम तब से यहीं फंसे हुए हैं। अब तक कोई सहायता नहीं मिली।