ब्रह्मदत्त ने अपने पिता के सामने इच्छा जाहिर की कि वह हेलीकॉप्टर में दुल्हन को लेकर आएगा। पिता ने अपने बेटे की इच्छा पूरी करते हुए हेलीकॉप्टर बुक कर दिया। जिसके लिए नूंह व पलवल जिले के जिला प्रशासन से अनुमति ली गई।
मंगलवार को जब ब्रह्मदत्त अपनी दुल्हन को लेने के लिए हेलीकॉप्टर में सवार हुआ तो पूरा गांव दूल्हे के साथ-साथ हेलीकॉप्टर को देखने के लिए उमड़ पड़ा। दूल्हे और उसके परिवार की खुशी भी इस मौके पर देखने लायक रही।
ब्रह्मदत्त ने कहा, माता-पिता ने उसे शादी के मौके पर बहुत बड़ा तोहफा दिया है, जिसे न तो वह स्वयं और न ही पूरा गांव भूल पाएगा।
वहीं एडवोकेट भूपसिंह कौशिक ने कहा कि बच्चों की इच्छा पूरी करना हर मां-बाप का फर्ज होता है। लेकिन बच्चों को भी अपने शौक अपने परिवार की स्थिति के हिसाब से ही पालने चाहिए।
बेटे ने उनके सामने हेलीकॉॅप्टर से दुल्हन लाने की इच्छा रखी तो उनके मन में भी बेटे की शादी को यादगार बनाने के लिए कुछ अलग करने की इच्छा हुई और यह सब संभव हो पाया।