दिल्ली मेट्रो की ग्रे लाइन सितंबर में शुरू होने की पूरी संभावना है। इस लाइन पर ट्रायल रन शुरू हो चुका है, जबकि द्वारका, नंगली और नजफगढ़ मेट्रो स्टेशनों का निर्माण अंतिम पड़ाव पर है। इस लाइन के शुरू होने से नजफगढ़ वासियों के लिए गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा की राह बेहद आसान हो जाएगी। इसके शुरू होने पर नजफगढ़ वासी 75 मिनट में हुडा सिटी सेंटर, 82 मिनट में गाजियाबाद, और 90 मिनट में नोएडा पहुंच सकेंगे। फिलहाल यहां तक पहुंचने के लिए नजफगढ़ वासियों को अन्य सार्वजनिक परिवहन संसाधनों में दो घंटे से ज्यादा का सफर तय करना होता है।
इस सेक्शन पर मेट्रो दौड़ने के बाद लोगों को नोएडा इलेक्ट्रोनिक सिटी पहुंचने में करीब 90 मिनट लगेंगे। फिलहाल नजफगढ़ से ऑटो रिक्शा के जरिये द्वारका मेट्रो स्टेशन पहुंचना पड़ता है। इसके बाद ब्लू लाइन मेट्रो से जाना पड़ता है। ग्रे लाइन चलते ही यात्री नजफगढ़ से 6 से 7 मिनट में द्वारका पहुंच जाएंगे। इसके बाद आगे का सफर वे मेट्रो से करेंगे। हालांकि नोएडा पहुंचने के लिए उन्हें ग्रे लाइन से ब्लू लाइन पहुंचकर मेट्रो बदलनी होगी। 42 स्टेशन डेढ़ घंटे में पार करके वे नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी पहुंच सकेंगे। इसके लिए 60 रुपये खर्च करने होंगे। रविवार को मात्र 50 रुपये किराया लगेगा।
उधर, नजफगढ़ से हुडा सिटी सेंटर (गुरुग्राम) पहुंचने में महज 75 मिनट लगेंगे, जबकि वर्तमान में डेढ़ घंटे से भी ज्यादा समय लगता है। गुरुग्राम पहुंचने के लिए यात्रियों को ग्रे लाइन से ब्लू लाइन पर आना होगा। इसके बाद वे जनकपुरी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर मजेंटा लाइन और राजीव चौक पर येलो लाइन पर मेट्रो बदलकर गुरुग्राम पहुंच सकेंगे। ग्रे लाइन, ब्लू लाइन, मजेंटा लाइन ओर येलो लाइन का प्रयोग करने पर इस यात्रा में 29 स्टेशन पार करने होंगे। ब्लू लाइन से राजौरी गार्डन से पिंक लाइन, उसके बाद आईएनए से येलो लाइन पर मेट्रो बदलने से 34 स्टेशन पार करने होंगे। इस यात्रा का किराया भी 60 रुपये और रविवार को 50 रुपये रहेगा।
नजफगढ़ से गाजियाबाद करीब 82 मिनट में पहुंचेंगे। यात्रियों को ग्रे लाइन से ब्लू लाइन, उसके बाद राजीव चौक से येलो लाइन, उसके बाद कश्मीरी गेट से रेड लाइन पर मेट्रो बदलनी होगी। इस रूट पर यात्रियों को 40 स्टेशन पार करने होंगे। इस यात्रा का किराया भी 60 रुपये रहेगा। रविवार को मात्र 50 रुपये लगेंगे। ग्रे लाइन पर नजफगढ़ के बाद ढासा बॉर्डर स्टैंड स्टेशन का निर्माण दिसंबर 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य है।