पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को राजधानी में प्रदूषण को रोकने के लिए पटाखा विरोधी अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने बेचे जाने वाले पटाखों पर ग्रीन क्रैकर का लोगो होने के साथ पटाखों का अधिकृत कंपनी से बने होना भी जरूरी बताया। इस दौरान पर्यावरण मंत्री ने सदर बाजार का भी दौरा किया।
गोपाल राय ने बताया कि पटाखे विरोधी अभियान के तहत एसडीएम, पुलिस अधिकारियों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी( डीपीसीसी) की करीब 11 टीमें प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए टीम जमीनी स्तर पर कार्य कर रही हैं।
इसके तहत बेचे जाने वाले पटाखों पर ग्रीन क्रैकर्स के लोगों के साथ पटाखों का अधिकृत कंपनियों से बने होना भी जरूरी है। गोपाल राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यही वजह है कि इस वर्ष केवल प्रदूषण मुक्त ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी गई है।
पटाखों की वजह से हर साल दिल्ली में प्रदूषण का स्तर दीपावली के नजदीक अधिक हो जाता है। इस वजह से प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया है और इसकी जगह पर ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने लोगों से प्रदूषण वाले पटाखे न चलाने की अपील करते हुए कहा कि यह वह समय है जब सभी लोग कोरोना और प्रदूषण का सामना कर रहे हैं। इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण समिति और एसडीएम की टीम का गठन किया गया है जो क्षेत्र में पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच कर अभियान को सफल बना रहे हैं।