एसटीएफ ने मंगलवार को मुठभेड़ के बाद 25 हजार के इनामी पवन बागपुर समेत छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जबकि इनका साथी 25 हजार का इनामी मनोज इमलिया टीम को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें भी जुटीं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आरोपियों के कब्जे से एसटीएफ ने बुलेट प्रूफ स्कॉर्पियो व एक फॉरच्यूनर कार बरामद की है। पवन पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी आदि के 18 केस दर्ज हैं।
एसटीएफ सीओ राजकुमार मिश्रा के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि मनोज इमलिया साथियों के साथ थाना इकोटेक क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से घूम रहा है। इसके बाद एसटीएफ बिसरख, सूरजपुर, कासना और इकोटेक-3 थाना पुलिस को साथ लेकर बदमाशों की तलाश में जुट गई। टीम ने पुलिस लाइन के पास घेराबंदी की तो बुलेट प्रूफ स्कॉर्पियो व फॉरच्यूनर में सवार बदमाशों ने टीम पर गोली चला दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की गोली स्कॉर्पियो पर लगी, लेकिन बुलेट प्रूफ होने से बदमाश को नहीं लगी। इसी बीच मनोज इमलिया टीम को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया।
इसके बाद टीम ने पवन के अलावा जीतू उर्फ जितेंद्र निवासी इमलिया, जगत सिंह नागर निवासी दादूपुर, विनोद सिंह निवासी रिठौरी जनपद भरतपुर, चंदन शर्मा ओम एंक्लेव फरीदाबाद व कमल निवासी ब्रह्मपुरी दनकौर को गिरफ्तार कर लिया। पवन और मनोज थाना ग्रेटर नोएडा में हत्या के प्रयास में वांछित हैं। वहीं, जगत सिंह ने खुद को दिल्ली पुलिस की स्वाट टीम का एएसआई बताया है, लेकिन इसके पास से एसटीएफ को कोई आईडी बरामद नहीं हुआ है। एसटीएफ ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस से जानकारी जुटाने के लिए मेल किया है।
पूछताछ में हो सकता है कई वारदात का खुलासा
एसटीएफ सभी आरोपियों से पूछताछ कर कई घटनाओं से पर्दा उठाने का प्रयास कर रही हैं। बुलेट प्रूफ गाड़ी के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। वहीं, चर्चा रही कि मनोज को एसटीएफ की टीम ने पकड़ लिया था, लेकिन वह फरार हो भाग गया। हालांकि, एसटीएफ अधिकारी उसके हिरासत से भागने से इंकार कर रहे हैं।