ईडी की लश्कर सरगना हाफिज सईद से जुड़े गुरुग्राम स्थित विला को कुर्क करने की कार्रवाई की सूचना मिलते ही पुलिस व खुफिया तंत्र भी अलर्ट हो गया है। टेरर फंडिंग से संपत्ति खरीदे जाने की प्रारंभिक सूचना मिलने पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने करीब दो साल पहले ही वटाली की संपत्तियों का पता लगाने के लिए गुरुग्राम में सर्वे कर लिया था। कुर्क किया गया विला वटाली की पत्नी के नाम बताया जा रहा है और इसका बाजार मूल्य करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये है।
एनआईए के आईजी आलोक मित्तल ने बताया कि हाफिज सईद के फाइनेंसर कश्मीरी व्यापारी जहुर अहमद शाह वटाली की संपत्ति का सर्वे दो साल पहले करवाया गया था। सूत्रों ने बताया कि डीएलएफ फेज -2 स्थित वटाली की संपत्ति की कीमत करीब 1.03 करोड़ रुपये है जबकि उसका बाजार मूल्य करीब साढ़े 3 करोड़ है। उसने यहां बेसमेंट व भूतल खरीदा था। यह संपत्ति कब और किसके नाम पर खरीदी गई और इसे बेचने वाला व्यक्ति कौन है, इसके बारे में पुलिस व आला अधिकारी कुछ बोलने से बचते रहे।
दिन भर पुलिस व खुफिया तंत्र के लोगों का क्षेत्र में आना-जाना लगा रहा। सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले वटाली यहां अपने परिवार के साथ रहता था और यह संपत्ति उसकी पत्नी के नाम पर ही है। प्रथम तल पर बुजुर्ग दंपती रहते हैं, जिन्हें वटाली के बारे में कोई जानकारी नहीं है। आईजी मित्तल ने बताया कि फरवरी 2018 में यह केस एनआईए में आया था। जांच के दौरान पता चला कि टेरर फंडिंग से यह विला वटाली ने खरीदा था।
फ्लैट को खरीदने के लिए फलाह-ए इंसानियत फाउंडेशन ने भुगतान किया था, जिसका संस्थापक हाफिज सईद है। अगस्त 2018 में सबूतों के आधार पर वटाली को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसकी गुरुग्राम सहित अन्य शहरों में संपत्ति का पता लगा जिसके बारे में प्रवर्तन निदेशालय को बताया गया।