ठंड के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा की आबोहवा बिगड़ती जा रही है। रविवार को ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) भी रेड जोन में पहुंच गया। जबकि, शनिवार को नोएडा का एक्यूआई रेड जोन में पहुंचा था। ग्रेटर नोएडा गाजियाबाद के साथ दिल्ली-एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा। ग्रेनो का एक्यूआई 346 और नोएडा का एक्यूआई 333 दर्ज किया गया।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को वायु प्रदूषण से राहत नहीं मिल रही है। पिछले एक सप्ताह से रोजाना वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। जबकि, हवा भी चल रही है। हवा का भी असर वायु प्रदूषण पर नहीं पड़ रहा है।
रविवार शाम 4 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की बुलेटिन में नोएडा का एक्यूआई 333 रहा। जबकि, ग्रेनो का एक्यूआई 346 पहुंच गया है। जबकि, एक दिन पहले यह 292 था। रविवार को ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद का एक्यूआई बराबर रहा।
दोनों संयुक्त रूप से दिल्ली-एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहर रहे। वहीं, नोएडा दूसरे नंबर पर रहा। देश में सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में ग्रेनो 7वें और नोएडा 8वें स्थान पर रहा। यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि ठंड के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
ठंड कम होते ही प्रदूषण कम होना शुरू हो जाएगा। वहीं, लोगों का आरोप है कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए यूपीपीसीबी और प्राधिकरण के स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।