हैलो...मैं ग्रेनो प्राधिकरण का सीईओ बोल रहा हूं, आपने रजिस्ट्री व ट्रांसफर के लिए फाइल कब लगाई थी, अभी तक आपके काम का निराकरण क्यों नहीं हुआ। संबंधित बाबू व प्रबंधक से आप को कोई शिकायत तो नहीं है, या फिर बाबू और प्रबंधक ने किसी तरह से परेशान किया हो।’ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के नवनियुक्त सीईओ नरेंद्र भूषण ने आवंटियों को परेशान करने वाले बाबुओं और अफसरों की नकेल कसनी शुरू कर दी है। वे लंबे समय से बेवजह अटकी फाइलों के आवंटियों को खुद फोन मिलाकर पूछते हैं कि दिक्कत क्या है?
प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण रोजाना सुबह किसी एक विभाग का औचक निरीक्षण कर प्रबंधक व बाबू की टेबल पर पड़ी फाइलों की जांच पड़ताल कर रहे हैं। अगर किसी प्रबंधक व बाबू की टेबल पर कोई फाइल रखी हुई दिखती है तो उस फाइल को अपने कार्यालय में तलब कर लेते हैं। उसके बाद प्रबंधक व बाबू से फाइल न होने की वजह पूछते हैं।
अगर वह जवाब नहीं दे पाता तो सीधे आवंटी को फोन करते और पूछते हैं कि संबंधित काम के लिए कब आवेदन किया था, प्रबंधक या बाबू स्तर से कोई परेशानी तो नहीं है। सूत्र बताते हैं कि अगर किसी प्रबंधक व बाबू की शिकायत मिलती है तो उसका नाम नोट कर लेते हैं। तीन बार या उससे अधिक शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।