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Delhi NCR News: ग्रैप के नियम की उड़ रहीं धज्जियां, मध्य दिल्ली में सरेआम जला रहे कचरा

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-आयोग ने बीते बृहस्पतिवार शाम मध्य दिल्ली में ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत निरीक्षण किया
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-ग्रेप के तहत वायु प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान और नियंत्रण के लिए आयोजित की गई

संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। दिल्ली में प्रशासन व सरकार की तरफ से जहां प्रदूषण को रोकने व हवा को साफ करने के तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत पर सच्चाई कुछ और ही देखने को मिलती है। दिल्ली की सड़कों पर सरेराह कूड़ा फेंकने व जलाने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे हवा की सेहत बिगड़ रही है। यह खुलासा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने किया है। आयोग ने बीते बृहस्पतिवार शाम मध्य दिल्ली में ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत निरीक्षण किया। ग्रेप के तहत वायु प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान और नियंत्रण के लिए आयोजित हुई। शाम 5 से रात 8 बजे के बीच करोल बाग और राजेंद्र नगर में फ्लाइंग स्क्वाड की टीम ने जियो-टैग और फोटो के साथ निरीक्षण किया।
इस दौरान टीम को कुल 20 नियम के उल्लंघन देखने को मिले। इनमें से 2 मामले बायोमास व ठोस कचरे (एमएसडब्ल्यू) जलाने और 18 मामले खुले में कचरा फेंकने से जुड़े थे। बायोमास और एमएसडब्ल्यू मुख्य रूप से गर्मी या आग के लिए जलाए जा रहे थे। यह नियमों के उल्लंघन करोल बाग में उल्लंघन मुख्य रूप से गुरु रविदास मार्ग, विष्णु मंदिर मार्ग, गंगा मंदिर मार्ग और हरध्यान सिंह रोड के चौराहों पर पाए गए। कई जगहों पर कचरा निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के साथ मिला पाया गया, जिससे आग लगने का खतरा और वायु प्रदूषण बढ़ सकता है।
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ऐसे में निरीक्षण के दौरान सीएक्यूएम के अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों पर नाराजगी जाहिर की। खासकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को निर्देश दिए हैं कि वे एमएसडब्ल्यू और बायोमास को सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर फेंकने से रोकें। यही नहीं, केवल अधिकृत स्थानों पर ही निपटान सुनिश्चित करें। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाए और जमा कचरा तुरंत उठाया जाए।
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