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Delhi Air Quality: दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 हटा, एक और दो लागू…; इस वजह से लिया गया फैसला

Fri, 02 Jan 2026 08:20 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया है कि ग्रैप के स्टेज-एक और स्टेज-दो के तहत लागू सभी उपाय एनसीआर में पहले की तरह जारी रहेंगे। 
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दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप तीन चरण हटा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को दिल्ली एनसीआर और आस-पास के इलाकों में वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-तीन (ग्रैप-तीन) को रद्द कर दिया है। एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (एक्यूएमसी) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, अपने 21 नवंबर, 2025 के आदेश के जरिए ग्रैप यह संशोधित निर्देश जारी किया है। कमीशन ने सभी संबंधित लोगों को इसे तुरंत लागू करने को कहा है। हालांकि, सीएक्यूएम में संशोधित के स्टेज एक और दो के तहत कार्रवाई जारी रहेगी, जिसकी निगरानी और समीक्षा पूरे एनसीआर में सभी संबंधित एजेंसियां करेंगी। ऐसे में, इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का लेवल और ज्यादा खराब होकर गंभीर या बहुत खराब श्रेणी में न जाएं।

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दिल्ली का एक्यूआई हुआ बेहतर
ग्रैप की सब-कमेटी के अनुसार, इलाके में हवा की क्वालिटी की स्थिति के साथ-साथ आईएमडी और आईआईटीएम के पूर्वानुमान की भी समीक्षा में सुधार दर्ज हुआ है। सब-कमेटी के अनुसार, तेज हवाओं और मौसम की अनुकूल स्थितियों के कारण दिल्ली का एक्यूआई काफी बेहतर हुआ है और शुक्रवार को यह 236 रिकॉर्ड किया गया है। इसके अलावा, आईएमडी और आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में एक्यूआई खराब से बहुत खराब कैटेगरी में रहेगा। सीएक्यूएम के अनुसार, अभी तक ग्रेप के मौजूदा शेड्यूल का स्टेज एक 14 अक्तूबर, 2025, दो 19 अक्तूबर, 2025 और तीन 13 दिसंबर 2025 के आदेश के अनुसार लागू हैं।

सीएक्यूएम की चेतावनी
सीएक्यूएम ने चेतावनी दी है कि निर्माण कार्य और विध्वंस परियोजना साइट्स व अन्य, जिनके खिलाफ अलग-अलग कानूनी निर्देशों, नियमों, गाइडलाइंस व अन्य के उल्लंघन या गैर-अनुपालन के कारण खास क्लोजर ऑर्डर जारी किए गए थे। वे किसी भी हालत में कमीशन के इस संबंध में किसी खास ऑर्डर के बिना अपना काम फिर से शुरू नहीं करेंगे। साथ ही, सीएक्यूएम ने नागरिकों से अनुरोध है कि वे ग्रेप एक और दो के तहत नागरिक चार्टर का सख्ती से पालन करें। इसके अलावा, सीएक्यूएम ने कहा कि सब-कमेटी हवा की गुणवत्ता के हालात पर कड़ी नजर रखेगी और दिल्ली में हवा की गुणवत्ता और आईएमडी व आईआईटीएम द्वारा किए गए पूर्वानुमान के आधार पर आगे सही फैसले लेने के लिए समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करेगी।

तेज हवाओं ने जहरीली फिजा से पहुंचाई हल्की राहत, खराब श्रेणी हवा दर्ज
राजधानी में नए साल के दूसरे दिन लोगों को जहरीली फिजा से हल्की राहत मिली है। हवा की दिशा बदलने और गति तेज होने के चलते शुक्रवार को बयार खराब श्रेणी में पहुंच गई। ऐसे में सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे की मोटी परत से हुई। वहीं, पूरे दिन आसमान में स्मॉग की मोटी चादर भी दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 236 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। इसमें गुरुवार की तुलना में 144 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई।

एनसीआर में गाजियाबाद सबसे प्रदूषित
दूसरी ओर, एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 239 दर्ज किया गया, यह हवा की खराब श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 356, ग्रेटर नोएडा में 238 नोएडा में 229 और फरीदाबाद में 210 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, गुरुग्राम की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 187 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है। सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1400 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 183.5 और पीएम2.5 की मात्रा 111.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। इसके अलावा, शुक्रवार को कई इलाकों में बेहद खराब, खराब और मध्यम श्रेणी में हवा दर्ज की गई। 
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सोमवार से बेहद खराब श्रेणी में जा सकती है हवा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि रविवार तक हवा इसी श्रेणी में बरकरार रहेगी। हालांकि, सोमवार से हवा एक बार फिर से बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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