गुडग़ांव ग्रामीण बैंक और हरियाणा ग्रामीण बैंक का विलय किसी भी कीमत पर गुडग़ांव ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों को मंजूर नहीं है। प्रदेश भर की शाखाओं में इसके खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश है। इनका आरोप है कि यह विलय साजिश के तहत किया गया है। रविवार को गुडग़ांव ग्रामीण बैंक के सैकड़ों कर्मचारी-अधिकारी केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के दिल्ली स्थित आवास पर एकत्र हो कैंडल मार्च निकालेंगे।
गुडग़ांव ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों का कहना है कि जब से दोनों बैंकों का विलय कर सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक नाम दिया गया है तबसे उनका शोषण हो रहा है। जो १५० कैजुअल कर्मचारी थे उन्हें निकाल दिया गया है। इसके स्थान पर रोहतक से कर्मचारियों की भर्ती की गई है।
गुडग़ांव ग्रामीण बैंक वर्कर्स व ऑफीसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश कुमार जोशी ने बताया कि गुडग़ांव ग्रामीण बैंक में ६०० कर्मचारी कार्यरत थे। उन्हें बैंक की कुल कमाई का २५ प्रतिशत हिस्सा पेंशन खाते में जाता था। जबकि इस विलय के बाद कर्मचारियों की संख्या तकरीबन १५०० हो गई है। ऐसे में यह राशि अब १५०० कर्मचारियों के बीच बंटेगी जिससे कर्मचारियों को आर्थिक घाटा होगा।
मुकेश कुमार जोशी ने बताया कि गुडग़ांव ग्रामीण बैंक वर्कर्स एसोसिएशन और गुडग़ांव ग्रामीण बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन की ओर से रविवार को इस विलय के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने बताया कि गुडग़ांव ग्रामीण बैंक का मुख्यालय गुडग़ांव के सेक्टर-४४ में था। जो कि बैंक की अपनी प्रॉपर्टी है। इसे छोड़कर रोहतक में मुख्यालय बनाया गया है।
जो कि एक किराए की बिल्डिंग में है। जोशी ने हरियाणा की पिछली सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने रोहतक में मुख्यालय ले जाने के लिए ही अवैध तरीके से विलय का यह खेल खेला है। जो भी आवाज उठाता है उसका ट्रांसफर दूर-दराज में कर दिया जाता है। उन्होंने इसकी शिकायत हरियाण वर्तमान मुख्यमंत्री से भी की है। जोशी ने बताया कि हालांकि कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) इस विलय की जांच कर रहा है।
इन स्थानों पर एकत्र होंगे लोग...
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण के आवास पर कैंडल मार्च में हिस्सा लेने के लिए गुडग़ांव के इफ्को चौक पर रेवाड़ी, नारनौल और गुडग़ांव के कर्मचारी एकत्र होंगे। यहां से वह सीधे मेट्रो से जंतर-मंतर जाएंगे। वहीं मेवात, पलवल और फरीदाबाद के लोग फरीदाबाद के बडख़ल चौक पर एकत्र होंगे। सोनीपत, पानीपत और करनाल के लोग सोनीपत में एकत्र होंगे।