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ग्रैप रहा असरदार, दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में हुआ सुधार

Sat, 03 Nov 2018 11:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का असर दिखने लगा है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोर कॉस्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का दावा है कि इसके तहत उठाए गए कदम से मौसमी दशाएं कमोबेश स्थिर होने के बावजूद वायु की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है। इस बात की तस्दीक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों से भी हो रहा है। हालांकि, सफर का आंकलन है कि सोमवार को फिर हवा की गुणवत्ता बिगड़ सकती है। उधर, शनिवार को दिल्ली समेत एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्तर पर दर्ज किया गया। 

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों में हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है। दिल्ली में शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 340 रहा। वहीं, नोएडा में 333, ग्रेटर नोएडा में 341, फरीदाबाद में 359, गुरुग्राम में 336 व गाजियाबाद में सूचकांक 325 दर्ज किया गया। 

विशेषज्ञों का कहना है कि गुरुवार से दिल्ली समेत एनसीआर के सभी शहरों में ग्रैप लागू किया गया है। इसके तहत वायु प्रदूषण पर लगाम के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इससे मौसमी दशाएं खराब होने के बाद भी वायु की गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किया गया है। सफर की रिपोर्ट बताती है कि सुधारात्मक कदम उठाने से हालत धीरे-धीरे बेहतर हो रहे है। हालांकि, इस संस्था का अनुमान है कि सोमवार को तापमान गिरने और धरती की ऊपरी सतह में हवा की रफ्तार धीमी होने से प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है। 

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देर रात मंत्री के साथ सड़क पर उतरे अधिकारी

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री शुक्रवार देर रात 12 से दो बजे के बीच वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ गाजीपुर लैंडफिल के आसपास यूपी बार्डर का जायजा लेने पहुंचे थे। उनके साथ डीपीसीसी व परिवहन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने ग्रैप के तहत उठाए गए कदमों का जायजा लिया। एमसीडी के वाहनों को नियमों का उल्लंघन करते पकड़े जाने पर चालान काटे गए। उधर, मंत्री ने नियमित तौर पर बार्डर इलाके की जांच के आदेश दिए हैं।

इमरान हुसैन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने ट्रक चालकों से भी सवाल-जवाब किया। वहीं, परिवहन विभाग की टीम ने वाहनों की आरसी, बिल, प्रदूषण सर्टिफिकेट, डीएल आदि कागजात की जांच की। इस दौरान नियमों के उल्लंघन पर कई वाहनों के चालान काटे गए।  

एमसीडी को कारण बताओ नोटिस जारी
दूसरी तरफ, गाजीपुर लैंडफिल साइट पर कचरा डंप करने के लिए जा रहे एमसीडी के ट्रकों की जांच की गई। इसमें से कई ट्रकों पर कचरे का कवर नहीं किया गया था। कई चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते पकड़े गए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह एमसीडी से पता करें कि इस तरह के वाहनों को कैसे ठेके पर लिया गया। इसके लिए एमसीडी को डीपीसीसी कारण बताओ नोटिस जारी करे। 10 वाहनों की लिस्ट भी परिवहन विभाग ने डीपीसीसी को सौंप दी है। 
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