कविनगर क्षेत्र में हुई बिल्डर अमित शर्मा की हत्या में वांछित 12 हजार के इनामी बदमाश दीपक को हापुड़ कोतवाली पुलिस ने फ्रीगंज रोड से दबोच लिया।
अमित की लोकेशन ट्रेस करने के लिए हत्यारोपियों ने उसकी इको स्पोर्ट कार में जीपीएस लगाकर मेरठ से पीछा कर एडवोकेट कालोनी संजय नगर गाजियाबाद में हत्या की थी। आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल, तीन कारतूस और जीपीएस बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक योगेश सिंह ने बताया कि 16 दिसंबर 2015 को मेरठ निवासी बिल्डर अमित शर्मा की हत्या कर दी गई थी।
हत्या के पीछे मुख्य वजह थी कि गांव नंगलाताशी मेरठ में एक जमीन पर अमित और दीपक के बीच विवाद चल रहा था। दीपक ने साथी सौरभ मलिक, नितिन और राहुल के साथ हत्याकांड को अंजाम दिया था।
सौरभ मलिक ने कुछ समय पहले मुजफ्फरनगर कोर्ट परिसर में विक्की त्यागी हत्याकांड को अंजाम दिया था। अमित शर्मा हत्याकांड में शामिल सौरभ मलिक 50 हजार का इनामी बदमाश था, उसे पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
एसपी ने बताया कि शनिवार रात पुलिस को सूचना मिली कि फ्रीगंज रोड पर एक बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना पर एसएचओ राजेश कुमार वर्मा टीम के साथ पहुंच गए और आरोपी को दबोच लिया।
पकड़ा गया आरोपी दीपक उर्फ मन्नू पुत्र सतेंद्र सिंह निवासी दांतल थाना कंकरखेड़ा हाल निवासी श्रद्धापुरी थाना कंकरखेड़ा मेरठ है।
उसने बताया कि अमित शर्मा उसकी हत्या करना चाहता था, इसलिए उसने पहले ही उसे रास्ते से हटा दिया। इस हत्याकांड में शामिल अन्य बदमाशों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
बता दें कि बिल्डर अमित शर्मा (32) की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। 10 से ज्यादा गोलियां उनके सिर में मारी गई थीं। कार सवार हमलावरों में एक पुलिस की यूनिफार्म पहने था।