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नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंधों को रेप मानने से केंद्र सरकार ने किया इंकार

Tue, 30 Aug 2016 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : demo
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केंद्र सरकार ने नाबालिग से विवाह के आधार पर शारीरिक संबंध को दुष्कर्म की श्रेणी में रखने की मांग को गलत बताया है। 
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केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष पेश जवाब में माना कि लड़की के विवाह की आयु 18 वर्ष है लेकिन सामाजिक परिवेक्ष को देखते हुए पति को 15 वर्ष की पत्नी से शारीरिक संबंध पर विशेषाधिकार देते हुए ऐसे संबंध को दुष्कर्म की अपेक्षा अपवाद श्रेणी में रखा गया है।

मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ के समक्ष केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आइपीसी की धारा 375 अपवाद (2) पति-पत्नी के निजी मामलों से संबंधित है, जो पारंपरिक सामाजिक सरंचना पर आधारित होते हैं।
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ऐसे में इन्हें संविधान के अनुच्छेद 14 से 21 तक का उल्लंघन नहीं कह सकते। सरकार ने शपथपत्र सहित पेश जवाब में कहा कि धारा 375 जो दुष्कर्म को परिभाषित करती है में अलग से प्रावधान है कि दुष्कर्म का कानून पति द्वारा पत्नी (15 वर्ष से अधिक उम्र) के साथ शारीरिक संबंध या शारीरिक उत्पीडन करने पर लागू नहीं होगा।

सरकार के अनुसार यह सही है कि लड़की की शादी की उम्र अभी 18 साल है और बाल विवाह गैर कानूनी है। लेकिन समाजिक वास्विकता यह है कि देश में सामाजिक, आर्थिक व शैक्षिक विकास होने के बावजूद आज बाल विवाह हो रहें हैं। 
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याचि ने अपने पक्ष में नाबालिग से संबंध को बताया रेप

सजा सुनने के बाद भाग - फोटो : amar ujala
सरकार के अनुसार पति को 15 वर्ष की पत्नी से शारीरिक संबंध पर विशेषाधिकार देते हुए ऐसे संबंध को दुष्कर्म की अपेक्षा अपवाद श्रेणी में रखा गया है। जिससे पति-पत्नी के बीच यौन गतिविधि के अपराधीकरण के खिलाफ सुरक्षा प्रदान की जा सके। 

केंद्र सरकार ने कहा कि विवाह के आधार पर नाबालिग से दुष्कर्म के मामलों में लोगों, पुलिस व अधिवक्ताओं की सोच में बदलाव आना चाहिए। वर्तमान में इस विषय पर मौजूद कानून पर्याप्त हैं। 

पेश मामले में रिट फाउंडेशन ने याचिका दायर की हुई है। याची के अनुसार दिसंबर 2012 वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद आपराधिक कानून में बदलाव किया गया है। 

इस कानून में पति को 15 वर्ष की पत्नी से शारीरिक संबंध पर विशेषाधिकार देते हुए ऐसे संबंध को दुष्कर्म की अपेक्षा अपवाद श्रेणी में रखा गया है। याची के अनुसार 15 वर्ष की लड़की नाबालिग है और उससे शारीरिक संबंध रेप की श्रेणी में आता है। याची के अनुसार यह विवाहित महिला के अधिकारों व समानता के अधिकार का हनन है।
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