दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को शीघ्र लागू करे, जिसमें निजी अस्पताल में काम करने वाली नर्सों को केंद्र सरकार की कमेटी के अनुसार वेतनमान व अन्य लाभ देने की बात कही गई है। यह आदेश हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को दिया है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ ने सरकार से उसे अपनी नीति व कानून के अनुसार जल्द लागू करने का आदेश देते हुए याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित केंद्र सरकार की कमेटी ने 50 बेड तक के निजी अस्पतालों में नर्सों को 20 हजार वेतनमान देने की बात कही है। उनके अवकाश, कार्यावधि, मेडिकल सुविधा, यातायात व्यवस्था व आवासीय व्यवस्था भी सरकारी अस्पताल के नर्सों के समान देने को कहा था।
दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता संजोय घोष ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने पिछले साल जून में ही सभी निजी अस्पताल व नर्सिंग होम से कमेटी के दिशा-निर्देशों को लागू करने की बात कह चुका है। कई निजी अस्पताल व नर्सिंग होम ने आदेश को हाईकोर्ट में ही चुनौती दे रखी है और उस पर सुनवाई अभी लंबित है।
इस पर कोर्ट ने कहा कि अब कुछ किए जाने की जरूरत नहीं है। वह अपने फैसले को जल्द लागू कराए। कोर्ट ने यह आदेश नर्सों के दो संगठनों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है। दोनों संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू कराने की मांग की है।