किसान आंदोलन को देखते हुए जिले में धारा-144 लगा दी गई है। किसानों को रोकने के लिए 19 ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। किसान जीटी रोड पर राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में एकत्र होंगे, जहां से जबरन दिल्ली जाने पर किसानों को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके लिए सेवली गांव में अस्थायी जेल बनाई गई है। वहीं, दिल्ली जाने वाले वाहनों की सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी, जिससे नेशनल हाईवे 44 पर दो किमी लंबा जाम लग गया। प्रशासन का मानना है कि 26 व 27 नवंबर को नेशनल हाईवे पर हालात ज्यादा खराब हो सकते हैं, इसलिए रूट डायवर्ट किया गया है। दिल्ली से चंडीगढ़ जाने से लेकर सोनीपत से दिल्ली जाने के लिए अलग से रूट तय किया गया है। ब्यूरो
पंजाब बॉर्डर सील, टोहाना के रास्ते हरियाणा में घुसे पंजाब के किसान
तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर दिल्ली कूच के लिए जा रहे पंजाब के आठ जिलों के किसानों ने मूनक के रास्ते हरियाणा में प्रवेश किया। मगर टोहाना में बॉर्डर पर ही पुलिस बल ने किसानों को रोक लिया। वहीं, रतिया पुलिस ने देहाती मजदूर सभा के राज्य महासचिव तेजिंदर सिंह थिंद को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 27 नवंबर तक हिरासत में भेज दिया गया।
मेधा पाटकर को आगरा में प्रवेश करने से रोका
कृषि बिल के विरोध में दिल्ली कूच कर रहीं सोशल एक्टिविस्ट मेधा पाटकर को आगरा-धौलपुर बॉर्डर पर रोक लिया गया। वह कार्यकर्ताओं के साथ कार से रात नौ बजे पहुंची थीं। मेधा के आने से पहले ही सैंया थाना पुलिस को बॉर्डर पर तैनात कर दिया गया था। उन्होंने आगरा की सीमा में घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने आने नहीं दिया। वह शिवपुरी से ग्वालियर होते हुई पहुंची थीं। 11 जनवरी को छिंदवाड़ा से शुरू हुई जनाधिकार यात्रा का मेधा पाटकर नेतृत्व कर रही हैं। आगरा होते हुए उन्हें दिल्ली कूच करना था। वहां जंतर मंतर पर प्रदर्शन करना है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि उनके आने की सूचना पर ही पुलिस तैनात कर दी थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें रोका गया है।