-स्टार्टअप स्टॉर्मर्स प्रतियोगिता को लेकर दिशा-निर्देश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सरकारी स्कूल के छात्रों में उद्यमिता के गुर विकसित किए जाएंगे। शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए नीव योजना के तहत स्टार्टअप स्टॉर्मर्स प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में निदेशालय की नीव शाखा ने सर्कुलर जारी किया है। यह प्रतियोगिता कक्षा नौवीं से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए होगी।
इस पहल का मकसद है कि स्कूल छात्रों में बिजनेस की समझ, योजना बनाने और उन्हें लागू करने की कला को विकसित करना है। सरकारी स्कूल के कक्षा नौवीं, दसवीं और 11वीं के छात्रों के लिए इसमें भाग लेना अनिवार्य होगा। कक्षा नौवीं के छात्र आइडिया स्टेज में काम करेंगे यानि अपने आसपास की समस्याओं को पहचान कर उनके समाधान की दिशा में काम करेंगे। कक्षा दसवीं के छात्र इन्हीं विचारों का प्रोटोटाइप (मॉडल) तैयार करेंगे। जबकि कक्षा 11वीं में टीमों को अपने आइडिया को पेश करने का मौका मिलेगा।
सर्कुलर के अनुसार चयनित टीमों को 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी ताकि वह अपने विचार को और आगे बढ़ा सकें। अगले साल कक्षा 12वीं में यह टीमें अपने बिजनेस या प्रोडक्ट को निखारेंगी और जिला स्तर पर मेगा एक्सपो में प्रस्तुत करेगी। हर टीम में पांच छात्र होंगे। इसमें सीईओ, सीएफओ, मार्केटिंग हेड, ऑपरेशन हेड और एचआर हेड की भूमिका तय की गई है। स्कूल इन टीमों को मार्गदर्शन देंगे और उनकी प्रगति का रिकॉर्ड रखेंगे। स्कूल स्तर पर 20 नवंबर तक टीम का गठन करना होगा। उसके बाद 30 नवंबर तक टीम बिजनेस आइडिया को प्रस्तुत करेंगी।
एक दिसंबर से चयनित टीम को 20 हजार रुपये की राशि वितरित की जाएगी। निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि प्रतियोगिता की सभी चरणबद्ध गतिविधियां समय पर पूरी कराई जाएं। छात्रों को सुरक्षित माहौल में अपनी सोच दिखाने का अवसर दिया जाए। यह पहल न केवल बच्चों में नवाचार की भावना को बढ़ाएगी बल्कि उन्हें भविष्य के युवा उद्यमी बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगी।