एसीबी से संबंधित मामला सीधे तौर पर दिल्ली सरकार के अंतर्गत आता है। इसमें केंद्र व उपराज्यपाल की भूमिका नहीं है। इतना ही नहीं दिल्ली में उपराज्यपाल को संविधान में सीमित अधिकार दिए गए हैं।
दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष हाल ही में डिस्कॉम के खातों की जांच मामले में दिए आदेश का हवाला देते हुए उक्त तर्क रखा। सरकार ने कहा कि उक्त फैसले में स्वयं अदालत ने माना है कि राज्य के मामलों में प्रदेश सरकार ही निर्णय ले सकती है।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ के समक्ष सोमवार को दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन ने कहा कि खंडपीठ ने डिस्कॉम के खातों की जांच कैग से करवाने संबंधी फैसले में साफ किया है कि यह अधिकार केवल दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के पास है।