20 करोड़ के राशन घोटाला मामले में यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने सूरजपुर क्षेत्र से चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें नेम सिंह निवासी दादरी खाद्य एवं रसद विभाग के लिए राशन कार्डों के सामने आधार नंबर की सीडिंग का काम कर चुका है और मास्टरमाइंड बताया गया है।
वहीं, फिलहाल ग्रेटर नोएडा में रह रहा इटावा निवासी रामकुमार शाक्य उर्फ सोनू क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी का ड्राइवर है। मेरठ निवासी गौरव जोशी उर्फ हैप्पी की नोएडा सेक्टर-22 में राशन की दुकान है। कलक्ट्रेट कंपाउंड निवासी सौरभ सिंह सूरजपुर में राशन के कोटेदार जयंत का बेटा है।
एसटीएफ के एसपी राजीव नारायण मिश्रा और सीओ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि खाद्य एवं रसद विभाग के डेटा सर्वर में छेड़छाड़ कर अनधिकृत व्यक्ति के आधार नंबर का प्रयोग कर घोटाला करने वाले तीन आरोपियों को लखनऊ यूनिट ने गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद इन चारों की गिरफ्तारी की गई है।
नेम सिंह बीए पास है। वह अपने भाई बिजेंद्र के साथ लड़कों को कंप्यूटर प्रशिक्षण देता था। खाद्य एवं रसद विभाग ने दिसंबर 2017 में राशन कार्ड के सामने आधार नंबर सीडिंग के लिए कोसी कंप्यूटर इंस्टीट्यूट को काम दिया था।
यहां काम करने वाले 11 कंप्यूटर ऑपरेटरों की भर्ती की गई थी। इनमें नेम सिंह भी था। कंप्यूटर ऑपरेटर की आईडी जिला पूर्ति अधिकारी बनाकर देते थे। वेबसाइट खोलकर आधार नंबर सीड कर देते थे। सीडिंग होते ही राशन कार्ड धारक की फाइल लॉक हो जाती थी।
आधार नंबर संशोधन की सुविधा मिलने पर फर्जीवाड़ा
सीडिंग का काम अप्रैल 2018 तक चला। उसमें किसी प्रकार का परिवर्तन भी नहीं होता था। सीडिंग का काम पूरा न होने के कारण जून के अंत तक काम चला। ऑपरेटर की आईडी पुन: एक्टीवेट कर दी गई थी।
इस बार कंप्यूटर ऑपरेटर को राशन कार्ड धारक के आधार नंबर में संशोधन करने की सुविधा दे दी गई। इसी का फायदा उठाते हुए फर्जी वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई।
कोटेदारों की ईपास मशीन से निकाला राशन
नेम सिंह ने चार सौ ट्रांजेक्शन भिन्न-भिन्न कोटेदारों जैसे गीता चौधरी, सुशील कुमार, प्रकाश चौहान, रमेश चंद, जीत सिंह आदि की ई-पास मशीन का इस्तेमाल कर किए।
आरोपी ने बताया कि उसका भाई बिजेंद्र भी इस काम में भागीदार रहा है। बिजेंद्र ने छह सौ बार अपनी आईडी और अंगूठे का इस्तेमाल कर विभिन्न कोटेदारों के यहां से फर्जी तरीके से राशन निकाला।
यह सामान किया बरामद
एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर एक कंप्यूटर, सीपीयू, 2 ई-पास मशीन, मोबाइल फ़ोन, फर्जीवाड़े में प्रयुक्त वास्तविक आधार कार्ड, भारी संख्या में आधार कार्ड की कापी व अन्य कागजात बरामद किए हैं।