हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर डीयू व संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एनएसयूआई के उम्मीदवार रहे तीन छात्र नेताओं ने इस याचिका के जरिए छात्र संघ चुनाव को अवैध घोषित करने की मांग की है।
उनका कहना है कि चुनाव के लिए इस्तेमाल ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई थी। मामले में अगली सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी। जस्टिस सिद्घार्थ मृदुल ने एनएसयूआई के छात्र नेता सन्नी छिल्लर, लीना व सौरभ यादव की याचिका पर डीयू, डीयू के मुख्य चुनाव अधिकारी, केंद्र सरकार चुनाव आयोग, डूसू अध्यक्ष अंकिव बसोया, उपाध्यक्ष शक्ति सिंह व संयुक्त सचिव ज्योति चौधरी को नोटिस जारी किया है।
डूसू चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष समेत तीन पदों पर कब्जा कर लिया था। जबकि एनएसयूआई की ओर से आकाश चौधरी ने सचिव का पद जीता था। सन्नी छिल्लर अध्यक्ष पद का चुनाव एबीवीपी के उम्मीदवार अंकिव बसोया से हार गए थे।
केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में मौजूद स्थायी अधिवक्ता अनिल सोनी ने नोटिस स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने याचिका का निबटारा होने तक चुनाव में इस्तेमाल ईवीएम व पेपर ट्रेल को सुरक्षित रखने का निर्देश मुख्य चुनाव अधिकारी को दिया है।