आम आदमी पार्टी सरकार को विभाग चलाने के लिए भरोसेमंद अधिकारी ढूंढने में खूब कसरत करनी पड़ेगी। चुनावी वादों को पूरा करना है तो विभागों में अपनी पसंद से काम करने वाले अधिकारी भी चाहिए।
राजेंद्र कुमार के निलंबन से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, सेवा विभाग, दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की कुर्सी खाली हो गई है।
वहीं अब एसएन सहाय के स्टैंड रिलीव के आदेश किए जाने पर वित्त, गृह और योजना विभाग भी खाली हो जाएगा। ऐसा नहीं है कि दिल्ली में सचिव स्तर के अधिकारी नहीं हैं, बल्कि सरकार चुनिंदा अफसरों को ही फ्रंट के विभागों की जिम्मेदारी देना चाहती है। यही वजह है कि अभी एसएस यादव, संजय कुमार, ए एनब्रासु, सुकेश जैन के पास ही ज्यादा विभाग हैं।
बाकी राजेंद्र कुमार के पास दो अतिरिक्त जिम्मेदारी थी। वहीं एसएन सहाय के पास तीन विभाग हैं तो रमेश नेगी 31 जुलाई को रिटायर होने वाले हैं। इनके पास शहरी विकास, सामान्य प्रशासन विभाग के अलावा कानून विभाग भी है।
भरोसेमंद अधिकारियों के कंधे पर बढ़ेगा बोझ
केजरीवाल
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कुछ आईएएस अधिकारी काम नहीं मिलने से छुट्टी पर हैं तो वैट में कई आईएएस अधिकारी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहने राजेंद्र कुमार कानूनी पेचीदगी सुलझाते थे। उपराज्यपाल से सीधे पंगे में भी नियम कानून भी बताते थे। अब आप सरकार के पास उपमुख्यमंत्री के सचिव सी.अरविंद या दीपक बिरमानी ऐसे कार्यों के लिए बचे हैं।
कई अधिकारी बैठे हैं खाली
पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम की प्रबंध निदेशक पदमिनी सिंगला को भी केंद्र से स्टैंड रिलीव कर दिया है तो यहां पर्यटन सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे केशव चंद्रा का काम बढ़ेगा। रमेश तिवारी कला एवं संस्कृति विभाग से सेवानिवृत्त हो गए हैं।
वहीं रमेश के रिटायर होने के बाद अनधिकृत कॉलोनी, मोहल्ला सभा, विधायक निधि की जिम्मेदारी वाले शहरी विकास, कानूनी पेचीदगी वाले विभाग कानून और सामान्य प्रशासन विभाग के लिए भी सरकार को अधिकारी ढूंढने होंगे।
हालांकि, आईएएस धर्मेंद्र शर्मा, संदीप कुमार समेत कुछ अन्य अधिकारी खाली बैठे हैं। दानिस्क अधिकारी को बनाया सचिव सरकार में दबी जुबान यह भी चर्चा है कि भरोसेमंद सचिव स्तर के अधिकारी नहीं मिलने से ही स्वास्थ्य, बिजली में भारतीय राजस्व सेवा, पीडब्ल्यूडी में इंजीनियरिंग और उद्योग विभाग में दानिक्स अधिकारी को सचिव बनाया हुआ है।
एसएस यादव को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
केजरीवाल और मनीष सिसोदिया
दिल्ली के तेजतर्रार 1995 बैच के आईएएस सज्जन सिंह यादव को मुख्यमंत्री के सचिव की पूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। यादव अभी वैट आयुक्त और सूचना एवं प्रचार निदेशालय सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इससे पहले वे जलबोर्ड सीईओ, खाद्य आपूर्ति आयुक्त और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में आयुक्त की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। इतना ही नहीं, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के रहते मुख्यमंत्री कार्यालय की जिम्मेदारी संभालने का भी अनुभव है। हालांकि, बाकी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी अभी तक सीनियर आईएएस के पास ही रही है।
इन सबके इतर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के भरोसेमंद भी माने जाते हैं। वैट में रहते कई नए प्रयोग किए हैं। फिर यादव के पास पास कागजी तौर पर मुख्यमंत्री के सचिव की जिम्मेदारी भी है। फिर से स्वीकृति लेने की जरूरत भी नहीं होगी। इससे पहले वैट आयुक्त को लेकर उपराज्यपाल और आप सरकार की लड़ाई में एसएस यादव का नाम सरकार की तरफ से दूसरे विकल्प के तौर पर भेजा था, जिसे स्वीकृति मिली थी।