हिंदी माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा कर सीसैट प्रारूप को वापस लिए जाने की मांग में खड़े यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है।
केंद्र सरकार ने सिविल सेवा परीक्षाओं में भाषा के आधार पर भेदभाव किए जाने के आरोपों की जांच करने के लिए एक कमेटी गठित कर दी है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार यूपीएससी परीक्षार्थियों के साथ अन्याय नहीं होने देगी। जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस विषय पर विचार करने के लिए 3 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी उसके बाद ही फैसला हो सकेगा।