दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को असोला स्थित भाट्टी वन्यजीव अभयारण्य में बंदरों के लिए खाने का प्रबंध करने के लिए चार सप्ताह में ई टेंडर जारी करने का निर्देश दिया है। सरकार ने बंदरों के खाने के संबंध में 31 मार्च तक के लिए 25 लाख रुपये जारी कर दिए हैं।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत के समक्ष पेश दिल्ली सरकारी अधिवक्ता जुबेदा बेगम ने याची के इस तर्क को गलत बताया कि खाने की कमी के कारण काफी बंदर भाग गए हैं और कई भूख के कारण मर गए हैं। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग ने बंदरों के खाने के लिए 31 मार्च तक 25 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है।
उन्होंने कहा कि फलों और सब्जियों की आपूर्ति के लिए जल्द ही टेंडर कर कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने वर्ष 2007 में राजधानी के कई हिस्सों में बंदराें द्वारा लोगों को काटने की घटना के ध्यानार्थ असोला में बंदरों को छोड़ने व उनके खाने का प्रबंध करने का निर्देश दिया था।