दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना आयुष्मान भारत को लेकर सरकार गंभीर है। विभिन्न राज्यों से लाभार्थियों की सूची मिलने के बाद सरकार देश के 11 करोड़ परिवार को फैमिली हेल्थ कार्ड स्पीट पोस्ट से घर भेजेगी। इसके लिए बाकायदा टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इस कार्ड के साथ लाभार्थियों को एक पत्र में इसके इस्तेमाल की जानकारी भी दी जाएगी। इसके हेल्पलाइन नंबर पर कॉल लाभार्थी अपनी समस्या का समाधान करा सकता है।
जानकारी के अनुसार फैमिली हेल्थ कार्ड से इलाज कराने को अस्पताल में मौजूद स्टॉफ डिजिटल आयुष्मान भारत सॉफ्टवेयर की मदद से लाभार्थी की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेगा। साथ ही लाभार्थी के परिवार के सदस्यों का एकल आयुष्मान कार्ड भी उपलब्ध कराएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जल्द ही एकल कार्ड के लिए भी टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। फैमिली हेल्थ कार्ड एक तरह से आयुष्मान भारत के लिए लाभार्थी का पहचान पत्र होगा। वहीं, आयुष्मान भारत के लिए परिवार की संख्या और आयु को सीमित नहीं रखा गया है।
फैमिली कार्ड पाने वालों की संख्या में यूपी के बाद पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश का स्थान है। पश्चिम बंगाल की लाभार्थियों की सूची लगभग 1.11 करोड़ हैं। वहीं, मध्य प्रदेश से 1.10 करोड़ है। इसके बाद बिहार का नंबर आता है, जहां से 1.08 करोड़ लाभार्थियों को शामिल किया गया है।
आयुष्मान भारत के लिए राज्यवार लाभार्थी
मंत्रालय के अनुसार यूपी और पश्चिम बंगाल के 1.18, एमपी के 1.10 और बिहार के 1.8 करोड़ लोग आयुष्मान भारत के तहत लाभार्थी सूची में है। जबकि गुजरात के 87 लाख, महाराष्ट्र के 83, तमिलनाडू के 77, असम के 64, उड़ीसा के 61 और राजस्थान के करीब 59 लाख लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं।