राजधानी में कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ‘गोल्डन’ जांच बढ़ा रही है। दो दिन से लगातार 15 हजार आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं। एंटीजन जांच में निगेटिव (लक्षण वाले) 12 फीसदी लोगों की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसको देखते हुए सरकार ने इस जांच का दायरा बढ़ाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से संक्रमण के प्रसार को रोकने में काफी मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस सप्ताह 3,65,348 जांच की गईं। इनमें 80 हजार आरटी-पीसीआर जांच हुई हैं। 5 से 11 अक्तूबर के बीच कुल 3,42,635 जांच में से 58 हजार
आरटी-पीसीआर जांच रही। लिहाजा, अब 22 हजार जांच बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस समय जिन लोगों की एंटीजन जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ रही है और उनमें कोरोना के लक्षण हैं तो उनकी आरटी-पीसीआर जांच कराई जा रही है।
6 अक्तूबर तक एंटीजन जांच से जो नमूने लिए गए थे उसमें करीब 1900 लोग ऐसे थे, जिनमें कोरोना के लक्षण थे और वह इस जांच में निगेटिव आए थे। इन सभी की दोबारा आरटी-पीसीआर जांच कराई गई। इनमें से 225 लोग संक्रमित मिले थे। सभी जिलों को हिदायत दी गई है कि एंटीजन जांच में निगेटिव लोगों की हर हाल में आरटी-पीसीआर जांच की जाए।
100 फीसदी सही नहीं होते एंटीजन के परिणाम
विशेषज्ञों का कहना है कि एंटीजन जांच के परिणाम 100 फीसदी सही नहीं होते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि लोगों में संक्रमण के लक्षण होते हैं, लेकिन वह निगेटिव आते हैं और दूसरी जांच नहीं कराते। इससे संक्रमित व्यक्ति से अन्य लोगों में संक्रमण फैलता है। अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश गुलाटी बताते हैं कि एंटीजन जांच के परिणाम जल्द मिल जाते हैं। इसलिए लोग इस जांच को प्राथमिकता देते हैं। उन्हें यह नहीं पता होता कि एंटीजन जांच के नतीजे 100 फीसदी सही नहीं होते हैं। इसलिए आरटी-पीसीआर जांच को गोल्डन जांच कहा जाता है।
आरटी-पीसीआर जांच की स्थिति
तारीख जांच
11 अक्तूबर 10801
12 10260
13 11023
14 12596
15 13985
16 15660
17 15537
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।