फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए ‘गोल्डन’ जांच बढ़ा रही सरकार

Mon, 19 Oct 2020 06:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
Corona - फोटो : PTI
विज्ञापन

राजधानी में कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ‘गोल्डन’ जांच बढ़ा रही है। दो दिन से लगातार 15 हजार आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं। एंटीजन जांच में निगेटिव (लक्षण वाले) 12 फीसदी लोगों की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसको देखते हुए सरकार ने इस जांच का दायरा बढ़ाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से संक्रमण के प्रसार को रोकने में काफी मदद मिलेगी।

विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस सप्ताह 3,65,348 जांच की गईं। इनमें 80 हजार आरटी-पीसीआर जांच हुई हैं। 5 से 11 अक्तूबर के बीच कुल 3,42,635 जांच में से 58 हजार
आरटी-पीसीआर जांच रही। लिहाजा, अब 22 हजार जांच बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस समय जिन लोगों की एंटीजन जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ रही है और उनमें कोरोना के लक्षण हैं तो उनकी आरटी-पीसीआर जांच कराई जा रही है। 
विज्ञापन


6 अक्तूबर तक एंटीजन जांच से जो नमूने लिए गए थे उसमें करीब 1900 लोग ऐसे थे, जिनमें कोरोना के लक्षण थे और वह इस जांच में निगेटिव आए थे। इन सभी की दोबारा आरटी-पीसीआर जांच कराई गई। इनमें से 225 लोग संक्रमित मिले थे। सभी जिलों को हिदायत दी गई है कि एंटीजन जांच में निगेटिव लोगों की हर हाल में आरटी-पीसीआर जांच की जाए।

100 फीसदी सही नहीं होते एंटीजन के परिणाम
विशेषज्ञों का कहना है कि एंटीजन जांच के परिणाम 100 फीसदी सही नहीं होते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि लोगों में संक्रमण के लक्षण होते हैं, लेकिन वह निगेटिव आते हैं और दूसरी जांच नहीं कराते। इससे संक्रमित व्यक्ति से अन्य लोगों में संक्रमण फैलता है। अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश गुलाटी बताते हैं कि एंटीजन जांच के परिणाम जल्द मिल जाते हैं। इसलिए लोग इस जांच को प्राथमिकता देते हैं। उन्हें यह नहीं पता होता कि एंटीजन जांच के नतीजे 100 फीसदी सही नहीं होते हैं। इसलिए आरटी-पीसीआर जांच को गोल्डन जांच कहा जाता है।
विज्ञापन


आरटी-पीसीआर जांच की स्थिति
तारीख    जांच
11 अक्तूबर    10801
12    10260
13    11023
14    12596
15    13985
16    15660
17    15537
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें